
चंडीगढ़, 14 फरवरी:
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज गांव मसौल के सरकारी स्कूल में हुए उल्लेखनीय परिवर्तन पर प्रकाश डाला, जो पंजाब सिविल सचिवालय-1, चंडीगढ़ से मात्र 20 मिनट की दूरी पर स्थित है। उन्होंने कहा कि यह स्कूल अब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की “पंजाब शिक्षा क्रांति” के तहत सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को पुनर्जीवित करने की प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।
लगभग दो वर्ष पहले की स्थिति को याद करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा, “जब मैंने करीब दो साल पहले मसौल गांव के इस सरकारी स्कूल का दौरा किया था, तब इसकी हालत बेहद दयनीय थी। इमारत जर्जर थी, कक्षाएं टूटी-फूटी थीं और विद्यार्थियों को पढ़ने-लिखने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। मसौल गांव कभी अपने सरकारी स्कूल की बदहाली के कारण अखबारों और टीवी चैनलों की सुर्खियों में रहता था।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं उस समय इस स्कूल का दौरा करने वाला पहला शिक्षा मंत्री था। जो मैंने देखा, वह बेहद पीड़ादायक था। यहां केवल बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण की ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और समुदाय के विश्वास को बहाल करने की भी आवश्यकता थी।”
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि स्थिति का आकलन करने के बाद उन्होंने इस स्कूल को मॉडल स्कूल में बदलने का संकल्प लिया। “मेरे दौरे के बाद, स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षा क्रांति अभियान के तहत व्यापक विकास कार्य शुरू किए। आज स्कूल को नई इमारत, बेहतर कक्षाएं, उन्नत सुविधाएं और सीखने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर पूरी तरह रूपांतरित कर दिया गया है।”
शैक्षणिक प्रगति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जो लक्षित हस्तक्षेपों के सकारात्मक परिणामों को दर्शाता है। यह स्कूल अब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष उदाहरण है।”
उन्होंने यह भी कहा कि “पड़ोसी गांव, जो पहले स्कूल की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त करते थे, अब मसौल आकर इस परिवर्तन की सराहना कर रहे हैं।”
सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए मंत्री बैंस ने कहा, “पंजाब शिक्षा क्रांति एक समग्र आंदोलन है, जिसका उद्देश्य शैक्षणिक क्षेत्र को गति देना, बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण करना और सार्वजनिक शिक्षा में विश्वास बहाल करना है। पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करती रहेगी कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाला हर बच्चा सम्मानजनक और अनुकूल वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे।”









