
चंडीगढ़, 18 फरवरी:
पंजाब के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि लगभग 1300 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश के साथ पंजाब बागवानी क्षेत्र में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव लाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इससे जहां किसानों की आय में वृद्धि होगी, वहीं नए निर्यात अवसरों के लिए भी रास्ता खुलेगा।
आज यहां जारी एक प्रेस बयान में मंत्री ने महाराष्ट्र के नासिक में सह्याद्री किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड के अपने हालिया दौरे के निष्कर्ष साझा किए। उन्होंने कहा कि पंजाब, महाराष्ट्र के बागवानी मॉडल की सफल प्रक्रियाओं को अपनाएगा, ताकि राज्य के किसान संगठित खेती, प्रोसेसिंग और बेहतर मार्केट लिंकेज के माध्यम से अधिक मुनाफा कमा सकें। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण और संस्थागत सहयोग के जरिए पंजाब में किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को मजबूत करने के लिए सह्याद्री के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर भी किए गए हैं।
श्री भगत ने कहा कि यह दौरा अत्यंत सफल रहा, क्योंकि प्रतिनिधिमंडल ने अध्ययन किया कि किसान किस प्रकार एफपीओ के माध्यम से मिलकर उत्पादन, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, प्रोसेसिंग और निर्यात को बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सह्याद्री 30,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में हजारों किसानों के साथ कार्य कर रही है और 42 देशों को फल एवं सब्जियों का निर्यात कर रही है।
मंत्री ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने आधुनिक पैकहाउस, प्रोसेसिंग यूनिट, अनुसंधान फार्म और प्रशिक्षण केंद्रों का भी दौरा किया, जहां किसानों और विशेषज्ञों से सीधे संवाद किया गया। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान भी महाराष्ट्र की तरह वैज्ञानिक फसल योजना, बेहतर गुणवत्ता नियंत्रण और मजबूत बाजार संपर्कों से लाभ उठा सकते हैं।
समझौते के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि यह पंजाब में मजबूत किसान समूहों के गठन, प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करने में सहायक होगा, जिससे किसान सामूहिक रूप से काम कर सकें और अपनी उपज के बेहतर दाम प्राप्त कर सकें।
श्री भगत ने कहा कि पंजाब सरकार बागवानी क्षेत्र में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, फसलों के मूल्य में वृद्धि करने और किसानों के लिए टिकाऊ आय के अवसर पैदा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब पूरे देश में एक अग्रणी बागवानी हब के रूप में उभरने की क्षमता रखता है।
इस अवसर पर कृषि आयुक्त बबीता कलेर, बागवानी निदेशक शैलेंद्र कौर, उप निदेशक (बागवानी) हरप्रीत सिंह सेठी, सहायक निदेशक (बागवानी) रुपिंदर कौर, सहायक निदेशक (बागवानी) बलविंदरजीत कौर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।









