
चंडीगढ़, 18 फरवरी 2026:
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत उप-मंडल मजिस्ट्रेट कपूरथला की अदालत में तैनात नायब कोर्ट राजिंदर सिंह को 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए आज यहां राज्य विजिलेंस ब्यूरो के एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को नकोदर, जिला जालंधर के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता, जो पेशे से एक मजदूर है, ने कहा कि उसे और उसके दोस्त जोबन को पुलिस ने बीएनएसएस की धारा 128 (पूर्व में सीआरपीसी की धारा 109) के तहत एक मामले में गिरफ्तार किया था और एसडीएम कपूरथला की अदालत में पेश किया गया था। इसके बाद शिकायतकर्ता को जमानत पर रिहा कर दिया गया तथा अगली सुनवाई की तारीख 18.02.2026 निर्धारित की गई।
उन्होंने आगे बताया कि शिकायतकर्ता का आरोप है कि नायब कोर्ट राजिंदर सिंह उसे बार-बार परेशान करता रहा और केस खारिज कराने के बदले 10,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता के निवेदन करने और मांगी गई राशि चुकाने में असमर्थता जताने पर आरोपी 8,000 रुपये लेने पर सहमत हो गया। रिश्वत की मांग से संबंधित पूरी बातचीत शिकायतकर्ता द्वारा रिकॉर्ड कर ली गई थी।
चूंकि शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने विजिलेंस ब्यूरो यूनिट, जालंधर से संपर्क किया। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसके दौरान आरोपी नायब कोर्ट राजिंदर सिंह को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
इस संबंध में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विजिलेंस ब्यूरो थाना जालंधर में मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।









