
मालेरकोटला, 22 फरवरी :
आज पंधेर पैलेस, मालेरकोटला में आयोजित जैन भगवती दीक्षा समारोह में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उनके साथ उनकी धर्मपत्नी अनीता कटारिया भी दीक्षा समारोह में उपस्थित रहीं और उन्होंने दीक्षा ग्रहण करने वाली वैरागनाओं आराध्या जैन तथा कृतिका जैन को आशीर्वाद दिया।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए राज्यपाल कटारिया ने कहा कि दीक्षा केवल एक रस्म नहीं, बल्कि आत्मिक जागृति और संयमित जीवन की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के मन में कम उम्र में ही वैराग्य और आत्म-कल्याण की भावना जागृत होती है, वे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।
उन्होंने कहा, “संयम, सत्य और अहिंसा का मार्ग मानवता को ऊँचा उठाता है। जैन धर्म ने सदियों से दुनिया को शांति, करुणा और सहिष्णुता का संदेश दिया है। आज दीक्षा ग्रहण कर रही वैरागनाओं का यह निर्णय न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे समाज के लिए गर्व की बात है।”
राज्यपाल ने आराध्या जैन और कृतिका जैन के माता-पिता की सराहना करते हुए कहा कि अपने हृदय के टुकड़े को धर्म मार्ग पर समर्पित करना अत्यंत महान त्याग है। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने कर्मों से अमर होता है और संयम का जीवन सर्वोच्च माना गया है।
उन्होंने जैन समाज की एकता, सेवा-भावना और संस्कारों की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में सद्गुणों और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं।
समारोह के अंत में राज्यपाल ने दीक्षार्थियों को उज्ज्वल आत्मिक जीवन के लिए शुभकामनाएँ दीं और समूचे जैन समाज को इस पवित्र आयोजन के लिए बधाई दी।
समारोह के दौरान बड़ी संख्या में साध्वियाँ, समाजसेवी नेता और श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया।
इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर विराज एस. तिड़के, एसएसपी गगन अजीत सिंह, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर नव्रीत कौर सेखों तथा अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) रिंपी गर्ग सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।









