
लुधियाना, 22 फ़रवरी 2026
आज आम आदमी पार्टी के स्वयंसेवकों और नेताओं ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का लुधियाना में काले झंडे दिखाकर स्वागत किया। “पूर्वांचल सम्मान रैली” में शामिल होने आए सैनी का काफ़िला जैसे ही धूरी लाइन रेलवे ओवरब्रिज से नीचे उतरा, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनके ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की और काले झंडे दिखाकर पंजाब के प्रति भारतीय जनता पार्टी की भेदभावपूर्ण नीतियों का विरोध जताया।
आत्म नगर से ‘आप’ विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए मीडिया को संबोधित किया और कहा, “हम आज इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि भाजपा ने हमेशा पंजाब-विरोधी रुख अपनाया है। वे केंद्र में बैठकर पंजाब के स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास के फंड रोकते हैं और यहां आकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। पंजाब की जनता भोली नहीं है, वह इनके चेहरे को भली-भांति पहचानती है।”
इस मौके पर ‘आप’ के लोकसभा इंचार्ज शरणपाल सिंह मक्कड़ ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग भाजपा के झूठे प्रचार से अच्छी तरह वाक़िफ़ हैं। आज का यह प्रदर्शन भाजपा और उसके नेताओं को एक स्पष्ट संदेश है कि वे पंजाब में आकर अपनी किसान-विरोधी, व्यापार-विरोधी और पंजाब-विरोधी नीतियों पर परदा नहीं डाल सकते। प्रचार करने का आपको अधिकार है, लेकिन पंजाब की क़ानून-व्यवस्था को लेकर झूठे सवाल खड़े कर लोगों को गुमराह न करें।”
प्रदर्शन के दौरान ‘आप’ के ज़िला अध्यक्ष (लुधियाना) जितेंद्र खंगूड़ा ने आंकड़े पेश करते हुए भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, “हरियाणा के मुख्यमंत्री को पंजाब को उपदेश देने से पहले अपने राज्य के हालात पर नज़र डालनी चाहिए। केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्टों के अनुसार, क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने में पंजाब देश में दूसरे स्थान पर है, जबकि हरियाणा में 2023 में 1000 से अधिक और 2024 में 900 से अधिक हत्याएं हुईं। वहां महिलाओं और दलितों के ख़िलाफ़ अत्याचार की घटनाएं भी काफ़ी ज़्यादा हैं। पंजाब के किसानों पर कर्ज़ का बोझ उस समय बढ़ा जब यहां भाजपा सत्ता में थी। झूठे बयानों से आंकड़े नहीं बदले जा सकते।”
‘आप’ नेताओं का कहना था कि हरियाणा सरकार को पंजाब में राजनीतिक लाभ लेने की बजाय अपने राज्य की गंभीर समस्याओं का समाधान करना चाहिए। इससे पहले भाजपा द्वारा आयोजित पूर्वांचल सम्मान रैली में मुख्यमंत्री सैनी के अलावा पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे, लेकिन बाहर ‘आप’ स्वयंसेवकों के विरोध ने उनके इस राजनीतिक आयोजन की चमक फीकी कर दी।









