
अहमदाबाद, 22 फरवरी 2026
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि पंजाब सरकार मार्च महीने में अपना पाँचवाँ जन-हितैषी बजट पेश करेगी, जो पहले की तरह समाज के हर वर्ग की भलाई पर केंद्रित होगा। पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने लगातार जन-हितैषी और नागरिक-केंद्रित फैसले लिए हैं, जिनसे राज्य की दिशा बदल गई है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा,
“पंजाब सरकार मार्च महीने में अपना पाँचवाँ बजट पेश करेगी और हम सभी के कल्याण के उद्देश्य से जन-हितैषी बजट पेश करने की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाएंगे। हमारा एकमात्र उद्देश्य आम आदमी की भलाई सुनिश्चित करना है और इसे हासिल करने के लिए हम पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं। आने वाला बजट एक बार फिर पंजाब के लोगों को बड़े पैमाने पर लाभ पहुँचाएगा।”
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार कई वर्षों से भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट दिशाहीन रहे हैं और समाज के अमीर वर्गों के पक्ष में झुके हुए हैं। उन्होंने कहा,
“गुजरात में, जहाँ वास्तव में कोई मजबूत विपक्ष नहीं है, आम आदमी की परेशानियाँ बढ़ी हैं और लोग दुख झेल रहे हैं। वहाँ कांग्रेस और भाजपा आपस में दोस्ताना मैच खेल रही हैं और आम आदमी की आवाज़ को दबा दिया गया है।”
मुख्यमंत्री ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री देश को ‘विश्व गुरु’ बनाने की बात करते हैं, तब उनके गृह राज्य के लोग बुनियादी आवश्यकताओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा,
“लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए केंद्र सरकार ने डिजिटल जनादेश जैसी व्यवस्था खड़ी की है, जहाँ वोट डेटा को हेरफेर के जरिए तैयार किया जाता है और हर राज्य में चुनाव जीतने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आज गुजरात के लोग ‘आप’ को अपने मुक्तिदाता के रूप में देख रहे हैं। ‘आप’ के रूप में हर गुजराती परिवार की आँखों में उम्मीद है।”
राज्यों के वित्तीय अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने ग्रामीण विकास फंड में पंजाब के वैध हिस्से को अलोकतांत्रिक तरीके से रोका है और यही रवैया अन्य गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ भी अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा,
“लोकतंत्र में सरकार लोगों की, लोगों के लिए और लोगों द्वारा होती है, लेकिन आज विपक्ष की आवाज़ दबाने की प्रवृत्ति बन गई है। जैसे एक गुलदस्ते की उसके रंग-बिरंगे फूलों के लिए सराहना की जाती है, उसी तरह लोकतंत्र तब फलता-फूलता है जब हर आवाज़ सुनी जाती है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ज़ोर देकर कहा कि उनकी सरकार विकास के लिए फंड बाँटते समय किसी के साथ भेदभाव नहीं करती। उन्होंने कहा,
“जहाँ-जहाँ ‘आप’ ने सरकार बनाई है, वहाँ करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल आम आदमी की भलाई के लिए समझदारी से किया गया है। दिल्ली के बाद पंजाब में ‘आप’ सरकार ने जनकल्याण के लिए एक-एक रुपये के तर्कसंगत उपयोग को सुनिश्चित किया है।”
महत्वपूर्ण सुधारों की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,
“ऐसे समय में जब केंद्र सरकार राष्ट्रीय संपत्तियों को कौड़ियों के भाव कुछ प्रभावशाली मित्रों को सौंप रही है, पंजाब ने एक निजी थर्मल पावर प्लांट खरीदकर इतिहास रच दिया है। हमने मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए 881 आम आदमी क्लीनिक खोले हैं और सरकारी अस्पतालों में लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ मिल रही हैं।”
स्वास्थ्य सुधारों के बारे में उन्होंने कहा कि राज्य ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जो अपनी तरह की पहली योजना है, जिसके तहत पंजाब में रहने वाले हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा,
“पंजाब देश का पहला राज्य है जो इतनी व्यापक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर रहा है। इससे लोगों पर वित्तीय बोझ काफी कम हुआ है और साथ ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित हुई हैं।”
शिक्षा क्षेत्र पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढाँचे को उन्नत करने के लिए ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ शुरू की है। उन्होंने कहा,
“हम 118 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित लैब और खेल मैदानों वाले शानदार स्कूलों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शिक्षकों और प्रिंसिपलों को विशेष प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है ताकि वे आधुनिक शिक्षा पद्धतियों से परिचित हो सकें और विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर सकें। यह गर्व की बात है कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में पंजाब ने केरल को भी पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है।”
बुनियादी ढाँचे पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा सड़क निर्माण अभियान चलाया है, जिसके तहत 16,209 करोड़ रुपये की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा,
“इन सभी सड़कों का निर्माण पाँच साल के रखरखाव की शर्त के साथ किया जा रहा है, जिससे उच्चतम गुणवत्ता मानकों और विश्वस्तरीय सड़क सुरक्षा सुविधाओं को सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे ग्रामीण बुनियादी ढाँचे को बढ़ावा मिलेगा और पूरे पंजाब में बेहतर आवागमन संभव होगा।”
सुरक्षा बलों के बलिदान को सम्मान देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों और अग्निवीरों के शहीद जवानों के परिवारों को एक करोड़ रुपये तथा ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले पुलिस कर्मियों के परिवारों को दो करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। उन्होंने कहा,
“यह सहायता हमारे नायकों द्वारा दी गई सर्वोच्च कुर्बानी के सम्मान का प्रतीक है।”
एक और जन-हितैषी निर्णय का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 19 टोल प्लाज़ा बंद कर दिए हैं, जिससे आम लोगों की जेब से रोज़ाना लगभग 64 लाख रुपये की टोल फीस की बचत हो रही है।
अंत में, अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार के हर नीतिगत फैसले का उद्देश्य लोकतंत्र को मज़बूत करना, नागरिकों को सशक्त बनाना और जनकल्याणकारी शासन व्यवस्था सुनिश्चित करना है।









