
चंडीगढ़, 23 फरवरी
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां कहा कि मार्च से लुधियाना में टाटा स्टील के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के कार्यशील होने से पंजाब में उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह परियोजना राज्य की प्रगतिशील नीतियों और मजबूत शासन व्यवस्था पर वैश्विक उद्योग के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
टाटा स्टील के एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल—जिसमें उपाध्यक्ष (लॉन्ग प्रोडक्ट्स) आशीष अनुपम और कॉर्पोरेट मामलों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे—से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि टाटा स्टील समूह दुनिया के अग्रणी स्टील निर्माताओं में से एक है। इसकी कच्चे स्टील की वार्षिक क्षमता लगभग 34 मिलियन टन है और विश्व के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में इसकी सशक्त उपस्थिति है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि टाटा स्टील लिमिटेड लुधियाना की हाईटेक वैली के पास रीबार मिल के साथ 0.75 एमटीपीए क्षमता वाली इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस आधारित स्टील-मेकिंग सुविधा स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि 115 एकड़ में फैली इस परियोजना में प्रारंभ में लगभग 2,600 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान था, जो अब बढ़कर 3,200 करोड़ रुपये हो गया है। इस प्लांट से लगभग 2,500 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक माहौल को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि यह यूनिट 100 प्रतिशत स्टील स्क्रैप को कच्चे माल के रूप में उपयोग करेगी और टिकाऊ तथा पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन प्रक्रिया अपनाएगी। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस मार्ग पारंपरिक ब्लास्ट फर्नेस तकनीक की तुलना में कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम करता है, जो पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ औद्योगिक विकास के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
पंजाब सरकार की सक्रिय भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस मेगा प्रोजेक्ट के निर्माण और संचालन को समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया है, जो पंजाब की उद्योग-हितैषी नीतियों और सक्रिय शासन ढांचे को दर्शाता है।
इस परियोजना की शुरुआत को राज्य के लिए गर्व का विषय बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जमशेदपुर के बाद भारत में टाटा स्टील का दूसरा सबसे बड़ा प्लांट है और पंजाब में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश भी है। निरंतर औद्योगिक विस्तार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने परियोजना के सफल संचालन और भविष्य में और विस्तार के लिए टाटा स्टील को पूरा समर्थन और सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजिव अरोड़ा, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।









