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भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल द्वारा ‘पंजाब सरकार खाद्य कार्यक्रम’ के ऐतिहासिक फैसले को हरी झंडी; एन.एफ.एस.ए. के तहत 40 लाख परिवारों को गेहूं, दाल, चीनी, तेल और नमक मिलेगा

चंडीगढ़, 23 फरवरी :

 

भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने जनकल्याण सेवाओं के विस्तार और वित्तीय मजबूती को सुनिश्चित करते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एन.एफ.एस.ए.) के अंतर्गत आने वाले 40 लाख परिवारों को गेहूं, दाल, चीनी, तेल और नमक उपलब्ध कराने के लिए ‘पंजाब सरकार खाद्य कार्यक्रम’ को मंज़ूरी दे दी है। यह कार्यक्रम पंजाब के इतिहास का सबसे व्यापक खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंत्रिमंडल ने वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी राजस्व का लक्ष्य 12,800 करोड़ रुपये भी निर्धारित किया है, जिसके तहत अगले पाँच वर्षों में जनकल्याण योजनाओं को सशक्त करने के लिए राजस्व संग्रह को दोगुना करने का अनुमान है।

 

खाद्य कार्यक्रम के साथ-साथ कैबिनेट ने सरकारी ज़मीन पर खेती करने वाले बाढ़-प्रभावित किसानों को एकमुश्त मुआवज़ा देने के फैसले को मंज़ूरी दी। इसके अलावा सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों के लिए एकमुश्त निपटान योजना (ओ.टी.एस.) को 30 जून 2026 तक बढ़ाने और वांछित अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई तेज़ करने के लिए पारदर्शी इनाम नीति को भी स्वीकृति दी गई।

 

सरकार ने यह भी घोषणा की कि 16वीं पंजाब विधानसभा का बजट सत्र 6 मार्च से 16 मार्च तक आयोजित किया जाएगा और 8 मार्च को राज्य का बजट पेश किया जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए 361 स्टाफ नर्सों के पदों को पुनः बहाल किया जाएगा। कोविड वॉलंटियरों को भर्ती में आयु में छूट और अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। ये सभी फैसले भगवंत सिंह मान सरकार की जनकल्याण, वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

 

आज यहाँ यह जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस जन-हितैषी पहल के तहत राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 (एन.एफ.एस.ए.) के अंतर्गत पंजीकृत लाभार्थियों को गेहूं के साथ-साथ चीनी, दाल, सरसों का तेल और नमक वितरित किया जाएगा। इससे राज्य के लोगों, विशेषकर समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों—जिनमें 40 लाख एन.एफ.एस.ए. कार्डधारक शामिल हैं—को बड़ी राहत मिलेगी और वे अपने बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा सकेंगे। इस कदम से अप्रैल महीने से सशक्त सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

 

वर्ष 2026-27 के लिए 12,800 करोड़ रुपये के आबकारी राजस्व का लक्ष्य

 

मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की आबकारी नीति को भी मंज़ूरी दे दी है। इसमें 12,800 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के संशोधित लक्ष्य 11,200 करोड़ रुपये से 1,600 करोड़ रुपये (12.5%) अधिक है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल की शुरुआत में आबकारी राजस्व लगभग 6,200 करोड़ रुपये था, जिसके अगले पाँच वर्षों में दोगुना होने का अनुमान है।

 

सरकारी ज़मीन पर खेती करने वाले किसानों को मुआवज़ा

 

मंत्रिमंडल ने वर्ष 2025 में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान के लिए उन किसानों को मुआवज़ा देने की मंज़ूरी दी है जो सरकारी ज़मीन पर खेती कर रहे हैं। यह मुआवज़ा मानवीय आधार पर एकमुश्त समाधान के रूप में दिया जाएगा और इससे किसी को भी भूमि के स्वामित्व का अधिकार नहीं मिलेगा। पात्रता की पुष्टि सरपंच, नंबरदार और पटवारी की समिति द्वारा की जाएगी।

 

ओ.टी.एस. योजना में 30 जून 2026 तक विस्तार

 

कैबिनेट ने 13 मार्च 2025 को अधिसूचित एकमुश्त निपटान योजना (ओ.टी.एस.) को 31 दिसंबर 2025 से बढ़ाकर 30 जून 2026 तक लागू रखने की मंज़ूरी दी है। यह विस्तार केवल सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों को आवंटित प्लॉटों पर लागू होगा।

 

वांछित अपराधियों के विरुद्ध पारदर्शी इनाम नीति

 

मंत्रिमंडल ने वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पंजाब की इनाम नीति को भी स्वीकृति दी है, जिससे सूचना देने वालों को प्रोत्साहन और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के प्रयासों को मान्यता मिल सके। विभिन्न स्तरों पर अनुमोदन की शक्तियाँ एस.एस.पी., पुलिस आयुक्त, डी.जी.पी. और अन्य सक्षम अधिकारियों को सौंपी गई हैं।

 

16वीं विधानसभा का बजट सत्र

 

मंत्रिमंडल ने 16वीं पंजाब विधानसभा का 12वां (बजट) सत्र 6 मार्च से 16 मार्च तक बुलाने की मंज़ूरी दी है। 6 मार्च को राज्यपाल का अभिभाषण होगा और 8 मार्च को वित्त मंत्री वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे।

 

कोविड वॉलंटियरों को विशेष लाभ

 

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में महामारी के दौरान सेवाएँ देने वाले कोविड वॉलंटियरों और अनुबंध/आउटसोर्स आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को ग्रुप-सी और ग्रुप-डी की भर्तियों में अतिरिक्त अंक तथा ऊपरी आयु सीमा में विशेष छूट दी जाएगी। यह लाभ 31 दिसंबर 2026 तक सीधी भर्ती में लागू रहेगा।

 

361 स्टाफ नर्सों के पद बहाल

 

मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में स्टाफ नर्स (ग्रुप-सी) के 361 रिक्त पदों को पुनः बहाल करने और भरने की मंज़ूरी दी है। इन पदों की भर्ती बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज़, फरीदकोट के माध्यम से की जाएगी।

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