
चंडीगढ़, 26 फ़रवरी 2026:
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत जिला जालंधर के भोगपुर स्थित एफसीआई कार्यालय में तैनात तकनीकी सहायक रूही बाला कालिया को 20,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को गुरु तेग बहादुर राइस मिल, नंगल फिदा, सब-तहसील भोगपुर, जिला जालंधर के मैनेजर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि खरीद सीजन 2025-26 के लिए उक्त राइस मिल को धान की 49,086 बोरियां आवंटित की गई थीं। आवंटित मात्रा में से चावल की 1,160 बोरियां दो खेपों (प्रत्येक खेप में 580 बोरियां) एफसीआई को भेजने के लिए लंबित थीं।
उन्होंने बताया कि ये दोनों खेपें भोगपुर स्थित एफसीआई गोदाम में भेजी गई थीं। इसके बाद आरोपी रूही बाला कालिया ने उक्त खेपों को क्लियर करने के बदले शिकायतकर्ता से 25,000 रुपये रिश्वत की मांग की। यह मांग शिकायतकर्ता के मुनीम आदर्श कुमार के साथ मोबाइल फोन पर हुई बातचीत के दौरान की गई थी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी आरोपी ने शिकायतकर्ता से उसकी फर्म की पिछली खेपों को क्लियर करने के बदले 50,000 रुपये रिश्वत ली थी। अपनी खेपों को रद्द किए जाने के डर से शिकायतकर्ता मजबूरी में रिश्वत देने के लिए सहमत हो गया। हालांकि, अनुरोध करने पर आरोपी बकाया खेपों को क्लियर करने के लिए 20,000 रुपये लेने पर सहमत हो गया। रिश्वत की मांग से संबंधित पूरी बातचीत शिकायतकर्ता द्वारा रिकॉर्ड कर ली गई थी।
शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो, यूनिट कपूरथला से संपर्क कर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो ने जाल बिछाया, जिसके दौरान आरोपी रूही बाला कालिया को सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 20,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
इस संबंध में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना जालंधर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।









