
चंडीगढ़, 26 फ़रवरी:
बीज प्रमाणीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कार्य में और अधिक तेजी लाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने अपने फील्ड स्टाफ को टैबलेट उपलब्ध कराए हैं, ताकि साथी पोर्टल से संबंधित सभी कार्य ऑनलाइन सुनिश्चित किए जा सकें।
विभाग में पूर्ण डिजिटलीकरण की दिशा में इस सराहनीय पहल को अमल में लाते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज बीज प्रमाणीकरण अधिकारियों और सहायकों को 40 टैबलेट सौंपे।
कृषि मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि फील्ड अधिकारियों को टैबलेट से लैस करने से न केवल कागजी कार्यवाही समाप्त होगी, बल्कि इससे जवाबदेही भी बढ़ेगी और निरीक्षण के दौरान खेतों से सीधे कंप्यूटरीकृत डेटा तुरंत एकत्र करने में आसानी होगी।
उन्होंने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए खेत की सटीक भौगोलिक स्थिति को जीपीएस के माध्यम से रिकॉर्ड किया जा सकेगा, वहीं तुरंत फोटो अपलोड करने से आधिकारिक रिपोर्ट में फसलों की वास्तविक स्थिति दर्ज की जा सकेगी। उन्होंने आगे कहा कि डिजिटलीकरण से जहां मैनुअल कार्य के दौरान होने वाली लिखित त्रुटियों से छुटकारा मिलेगा, वहीं तुरंत डिजिटल रिपोर्ट तैयार करने में भी सुविधा होगी, जिन्हें आगे किसानों या उच्च अधिकारियों के साथ साझा किया जा सकेगा।
गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित एवं सरल बनाने के लिए किसानों के डिजिटल हस्ताक्षर सीधे टैबलेट की स्क्रीन पर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जीपीएस के उपयोग से फील्ड मैपिंग की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निरीक्षण सही बीज खेत से संबंधित है और टैब पर उपलब्ध फॉर्म के अनुरूप है। इसके अलावा फसल की किस्म, आइसोलेशन दूरी, रोग तथा ऑफ-टाइप पौधों की संख्या सहित सभी विवरण डिजिटल रूप से रिकॉर्ड किए जाएंगे।
कृषि मंत्री ने ज़ोर देते हुए कहा कि यह डिजिटलीकरण पहल न केवल बीज प्रमाणीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाएगी, बल्कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण प्रमाणित बीज उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित करेगी।
इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री अर्शदीप सिंह थिंद, निदेशक श्री गुरजीत सिंह बराड़, निदेशक- पीएसएससीए श्री नरेंद्र बेनीपाल तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।









