
चंडीगढ़, 6 मार्च
पंजाब के राज्यपाल Gulab Chand Kataria ने आज राज्य सरकार की पंजाब और पंजाबी जनता के प्रति लगन और ईमानदारी से सेवा करने की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि पंजाब सरकार गतिशील और प्रगतिशील ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए राज्य को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने हेतु समर्पित भावना के साथ कार्य कर रही है।
16वीं पंजाब विधानसभा के बारहवें बजट सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, कृषि, बुनियादी ढांचे, प्रशासन, कल्याण, उद्योग और जनसेवाओं के क्षेत्रों में पंजाब सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मजबूत, समग्र और जन-केंद्रित स्वास्थ्य व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत राज्य के 23 जिला अस्पतालों, 42 उप-मंडल अस्पतालों, 162 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, 523 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, 881 आम आदमी क्लीनिकों और 2453 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से हर नागरिक को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और किफायती उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य सरकार की प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने आगे बताया कि पूरे पंजाब में 881 आम आदमी क्लीनिकों में 107 दवाइयाँ और 47 जांचें मुफ्त उपलब्ध करवाई जा रही हैं। ओपीडी सेवाओं का लाभ अब तक 4.7 करोड़ से अधिक बार लिया जा चुका है, जिनमें लगभग 1.55 करोड़ गंभीर बीमारियों के मरीज शामिल हैं। वर्ष 2025-26 में यह संख्या दो करोड़ से भी अधिक हो चुकी है और जल्द ही 240 नए आम आदमी क्लीनिक शुरू किए जाएंगे।
राज्यपाल ने कहा कि आम आदमी क्लीनिकों में शुरू की गई मातृ एवं शिशु देखभाल सेवाओं से मातृ मृत्यु दर 105 से घटकर 90 हो गई है। इसके अलावा क्लीनिकों में एंटी-रेबीज टीकाकरण सेवाएं भी शुरू की गई हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन को मजबूत करने पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक पंजाब सरकार ने सरकारी अस्पतालों के लिए 934 डॉक्टरों की भर्ती की है, जो वर्तमान में कार्यरत कुल डॉक्टरों का लगभग 25 प्रतिशत है। लगभग 400 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती और सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इसके अलावा 400 नर्सिंग स्टाफ की भर्ती लगभग पूरी हो चुकी है और 500 अतिरिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत राज्य की पूरी आबादी को कवर करने के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रणाली लागू की गई है। इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज 2356 चिकित्सा और सर्जिकल प्रक्रियाओं के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। पंजाब और चंडीगढ़ में ऐसे अस्पतालों की संख्या लगभग 900 है और प्रत्येक नागरिक को कैशलेस उपचार के लिए स्वास्थ्य कार्ड दिया जाएगा।
सड़क सुरक्षा के विषय में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए ‘फरिश्ते’ योजना और सड़क सुरक्षा फोर्स की शुरुआत की है। ‘फरिश्ते’ योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत कैशलेस उपचार दिया जाता है और घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार व्यक्तियों को 2000 रुपये और प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाता है। इस योजना के माध्यम से अब तक 600 से अधिक दुर्घटना पीड़ितों की सहायता की जा चुकी है।
नशे की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार ने ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत पूरे राज्य में 548 ओट क्लीनिक संचालित हो रहे हैं और नशा मुक्ति सेवाओं के लिए 36 सरकारी तथा 177 निजी केंद्र कार्यरत हैं। इसके अलावा पुनर्वास के लिए 19 सरकारी और 74 निजी केंद्र भी चल रहे हैं। अब तक 10.63 लाख से अधिक मरीजों को इन सेवाओं के माध्यम से उपचार प्रदान किया जा चुका है।
कैंसर रोगियों के लिए सहायता का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने बताया कि पंजाब देश का पहला राज्य है जहां मुख्यमंत्री पंजाब कैंसर राहत कोष योजना के तहत कैशलेस उपचार प्रदान किया जा रहा है। अब तक 957 करोड़ रुपये की सहायता से 74 हजार से अधिक मरीजों को लाभ दिया जा चुका है।
शिक्षा सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ के तहत अप्रैल 2022 से अब तक 13,765 शिक्षकों की भर्ती की गई है। नेतृत्व विकास कार्यक्रम के तहत प्रिंसिपलों और शिक्षा अधिकारियों के बैचों को सिंगापुर, आईआईएम अहमदाबाद तथा फिनलैंड भेजा गया है। इसके साथ ही 118 सरकारी स्कूलों को आधुनिक ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में राज्य सरकार ने किसानों तक नहर का पानी पहुंचाने के लिए लगभग 787 करोड़ रुपये के निवेश से 3443 किलोमीटर नई नहरें और भूमिगत पाइपलाइन बिछाने की योजना बनाई है, जिनमें से 2650 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है। साथ ही 4557 करोड़ रुपये की लागत से 2600 किलोमीटर नहरों की लाइनिंग भी पूरी की जा चुकी है।
राज्यपाल ने बताया कि वर्ष 2025-26 में रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण विभाग ने 959 प्लेसमेंट कैंपों और रोजगार मेलों के माध्यम से 48,912 युवाओं को रोजगार प्रदान किया है।
खेलों के विकास के लिए राज्य सरकार ने 2025-26 के लिए 362.24 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इसके अलावा राज्य भर में 3100 खेल मैदानों के विकास के लिए 190 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मार्च 2022 से अब तक पंजाब को 8261 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें लगभग 1,50,817 करोड़ रुपये का संभावित निवेश और लगभग 5,31,619 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
राज्यपाल ने कहा कि पंजाब सरकार विकास, कल्याण और सुशासन के माध्यम से राज्य को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है और ‘रंगला पंजाब’ के सपने को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।









