पंजाबराजनीति

कांग्रेस द्वारा राज्यपाल के भाषण का बहिष्कार यह साबित करता है कि वे पंजाब की तरक्की को बर्दाश्त नहीं कर सकते: कैबिनेट मंत्री

चंडीगढ़, 6 मार्च 2026:

 

पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा और हरभजन सिंह ईटीओ ने कांग्रेस द्वारा राज्यपाल के भाषण के बहिष्कार के फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की। कैबिनेट मंत्रियों ने जोर देकर कहा कि विपक्ष का सदन की कार्यवाही में बाधा डालने वाला रवैया और अनावश्यक नारेबाजी राज्य सरकार की विकास पहलों से लोगों का ध्यान भटकाने की उनकी बेचैन कोशिशों का हिस्सा है।

 

अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस सरकार को राज्य के खजाने या जनता की भलाई के बजाय शराब, रेत और ट्रांसपोर्ट माफिया को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि जहां पिछली सरकारों ने राज्य के संसाधनों को लूटने की अनुमति दी, वहीं ‘आप’ सरकार ने वित्तीय अनुशासन और राज्य के वास्तविक विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, जो दिल्ली और बिहार जैसे राज्यों में पहले ही हाशिये पर जा चुकी है, अब अपने जनविरोधी और दलित विरोधी रुख के कारण आने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों में भी पूरी तरह साफ हो जाएगी।

 

कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन में विपक्ष के व्यवहार की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब के राज्यपाल ने कांग्रेस पार्टी को दो बार बैठकर सुनने और चर्चा के दौरान अपना जवाब देने के लिए कहा, लेकिन कांग्रेस ने पूरी तरह लोकतंत्र विरोधी रवैया अपनाया। उनका व्यवहार यह साबित करता है कि उन्हें संवैधानिक मर्यादा की कोई परवाह नहीं है।

 

अपने कैबिनेट सहयोगी के साथ हुए अपमानजनक व्यवहार का जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस की दलित विरोधी मानसिकता की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि लोग अच्छी तरह जानते हैं कि कांग्रेस हमेशा से दलित विरोधी रही है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ का उदाहरण देते हुए कहा कि वे ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने पहले सिविल सेवा परीक्षा पास की और फिर जनता की सेवा के लिए ‘आप’ में शामिल हुए। इसके बावजूद कांग्रेस नेतृत्व ने ऐसे योग्य व्यक्ति की तुलना “बैंड-बाजे” से करने की हिम्मत की, जो पूरी तरह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि जब उनके साथियों ने अपने साथ बैंड-बाजे वाले लाकर अपना रोष व्यक्त किया तो कांग्रेसी नेता भड़क उठे, क्योंकि वे अपने अहंकार की सच्चाई का सामना नहीं कर सके।

 

इस दौरान आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि विधानसभा में विपक्ष कांग्रेस का आज का रवैया एक शर्मनाक घटना है, जो लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का ऐसा व्यवहार सदन और राज्य की 75 साल पुरानी संसदीय परंपराओं का घोर अपमान है। उन्होंने कहा कि पिछले 75 वर्षों से राज्यपाल का भाषण जनता के सामने राज्य का रिपोर्ट कार्ड रखने और भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर रहा है। इसके बावजूद कांग्रेस ने राज्यपाल, जो एक संवैधानिक प्रमुख हैं, के भाषण की शुरुआत से ही अनुचित नारों के साथ व्यवधान डालने और सदन का बहिष्कार करने का दुर्भाग्यपूर्ण फैसला लिया।

 

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस द्वारा पैदा की गई यह अव्यवस्था मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के विकास कार्यों और असली मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, क्योंकि उन्हें जनता के कल्याण से जुड़े किसी भी मुद्दे पर चर्चा में कोई रुचि नहीं है।

 

‘आप’ सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का जिक्र करते हुए, जिनमें सरकारी विभागों में 63,000 से अधिक युवाओं को नौकरी देना, हर नागरिक तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए आम आदमी क्लीनिक शुरू करना और 90 प्रतिशत परिवारों को निर्बाध मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना शामिल है, अमन अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस-अकाली सरकारों के समय किसानों को रात के समय बार-बार खेतों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जबकि उनकी सरकार ने अन्नदाताओं को दिन के समय भी निर्बाध बिजली देकर बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि पंजाब में पहली बार किसी सरकार ने नहर का पानी टेल तक पहुंचाया है, जिससे किसानों को बड़ा लाभ हो रहा है।

 

अमन अरोड़ा ने आगे कहा कि पिछली सरकारों ने गैंगस्टरों को संरक्षण दिया, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने उनकी अवैध संपत्तियों को ध्वस्त कर उनके खिलाफ मामले दर्ज किए और नशे के खात्मे के लिए “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान शुरू कर प्रशासन में जनता का भरोसा फिर से कायम किया।

 

कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी ने आज तक दलितों, गरीबों और मजदूरों को इंसान समझने के बजाय केवल एक साधन और वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि 6 फरवरी 2026 को जंडियाला गुरु में प्रताप सिंह बाजवा द्वारा दलित समुदाय के खिलाफ की गई टिप्पणियों ने कांग्रेस नेताओं की दलित विरोधी मानसिकता को उजागर कर दिया और कांग्रेस का असली चेहरा सामने ला दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की दलित विरोधी नीतियां 2027 के विधानसभा चुनावों में उसके ताबूत की आखिरी कील साबित होंगी।

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