
खेमकरण, 7 मार्च 2026:
भगवंत सिंह मान ने आज खेमकरण के सीमावर्ती क्षेत्र में 137 करोड़ रुपये की लागत वाले ग्रामीण लिंक सड़क प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार लंबे समय से उपेक्षित रहे सीमा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा मजबूत करने, रोजगार के अवसर पैदा करने और नागरिक सेवाएं बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर जोर
शिलान्यास के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों से लेकर स्कूलों, खेल मैदानों और उद्योगों तक हर क्षेत्र में संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को नजरअंदाज किया, लेकिन मौजूदा सरकार इन इलाकों की तरक्की के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार ऐसी औद्योगिक नीति लाई गई है जो सीमा क्षेत्रों में उद्योग लगाने के इच्छुक उद्यमियों को प्रोत्साहन देती है। नई नीति के तहत नौ प्राथमिकता वाले क्षेत्रों और सीमा तथा कंडी क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि भौगोलिक और सुरक्षा कारणों से पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर और फाजिल्का जैसे सीमावर्ती जिलों में पहले निवेश कम हुआ, लेकिन अब सरकार इन क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए काम कर रही है।
युवाओं के लिए रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के हाथों में नशे की जगह रोजगार देना चाहती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब तक युवाओं को 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दे चुकी है और आगे भी रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
सिंचाई व्यवस्था में सुधार
उन्होंने बताया कि सरकार के कार्यभार संभालने के समय सिंचाई के लिए केवल 21 प्रतिशत नहर पानी का उपयोग होता था, जो अब बढ़कर 68 प्रतिशत हो गया है और अगले धान सीजन तक इसे 85 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री के अनुसार 6,900 किलोमीटर नहरों और 18,349 जलमार्गों को पुनर्जीवित किया गया है। नहर प्रणाली को मजबूत करने के लिए सरकार ने 6,500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जिससे पहली बार 1,365 गांवों तक नहर का पानी पहुंचा है।
सड़क और शिक्षा क्षेत्र में सुधार
ग्रामीण संपर्क को मजबूत करने के लिए राज्य में 16,209 करोड़ रुपये की लागत से 49,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों के निर्माण का काम चल रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने आधुनिक सुविधाओं से लैस स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए हैं और शिक्षकों व प्रिंसिपलों को अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में पंजाब ने केरल को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है।
स्वास्थ्य और जनकल्याण योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 65 लाख परिवारों को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है और 881 आम आदमी क्लीनिक रोजाना लोगों को मुफ्त इलाज दे रहे हैं।
इसके अलावा राज्य के लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है।
महिलाओं के लिए योजना
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार जल्द ही महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह देने की योजना लागू करेगी और इसके लिए आने वाले बजट में प्रावधान किया जाएगा।
विपक्ष पर निशाना
मुख्यमंत्री ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी आंतरिक कलह से जूझ रही है और उसके पास न तो स्पष्ट विजन है और न ही एकजुटता।
उन्होंने शिरोमणि अकाली दल की नेतृत्व पर भी तंज कसते हुए कहा कि अकाली नेताओं के पास आम लोगों की भलाई के बजाय केवल उन्हें लूटने का एजेंडा था।
सड़क परियोजना का विवरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि खेमकरण क्षेत्र में 137 करोड़ 22 लाख रुपये की लागत से 275 किलोमीटर क्षेत्र को कवर करते हुए 209 ग्रामीण लिंक सड़कों की मरम्मत का काम शुरू किया गया है। इसमें से 127 करोड़ 84 लाख रुपये सड़क नवीनीकरण पर खर्च किए जाएंगे और अगले पांच वर्षों में 9 करोड़ 38 लाख रुपये इनके रखरखाव पर लगाए जाएंगे।
इसके अलावा खेमकरण क्षेत्र में 35 करोड़ 23 लाख रुपये की लागत से 249 किलोमीटर से अधिक अन्य लिंक सड़कों का निर्माण भी किया जा रहा है।
अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई और पंजाब के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।









