
चंडीगढ़, 16 मार्च:
पंजाब विधानसभा ने आज कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के खिलाफ विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा की गई अपमानजनक और जातिसूचक टिप्पणियों को लेकर सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया।
यह मामला 6 फरवरी 2026 को अमृतसर के जंडियाला गुरु में आयोजित एक सार्वजनिक सभा के दौरान प्रताप सिंह बाजवा द्वारा दिए गए बयान से जुड़ा है। अपने संबोधन में उन्होंने कथित तौर पर मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, जो दलित समुदाय से संबंध रखते हैं, के खिलाफ आपत्तिजनक और जाति आधारित टिप्पणियां कीं। सदन के सदस्यों ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां न केवल मंत्री बल्कि उनके परिवार और मेहनतकश दलित समुदाय का भी अपमान हैं।
यह प्रस्ताव विधायक मनजीत सिंह बिलासपुर द्वारा सदन में पेश किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां बैंड-ऑर्केस्ट्रा कलाकारों और दिहाड़ी मजदूरों जैसे मेहनतकश वर्ग के सम्मान को ठेस पहुंचाती हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को संयम बरतना चाहिए और सम्मान, समानता तथा सामाजिक सौहार्द के मूल्यों को बनाए रखना चाहिए।
निंदा प्रस्ताव पेश करते हुए मनजीत सिंह बिलासपुर ने इन टिप्पणियों को “शर्मनाक” बताया और कहा कि यह व्यवहार सामंती और दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है, जो पंजाब के सामाजिक ताने-बाने के लिए हानिकारक है।
प्रस्ताव में प्रताप सिंह बाजवा से दलित समुदाय की भावनाओं को आहत करने के लिए बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग की गई है।
साथ ही माननीय स्पीकर कुलतार सिंह संधवां से इस मामले का संज्ञान लेने और उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की अपील की गई, ताकि भविष्य में कोई भी राजनीतिक नेता किसी व्यक्ति का उसकी जाति या पेशे के आधार पर अपमान न करे।
यह निंदा प्रस्ताव सदन द्वारा सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।









