
चंडीगढ़, 1 मई—
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव जीतकर अपनी सरकार की मजबूती और एकजुटता का प्रदर्शन किया। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से समर्थन मिला, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें विफल रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जनादेश लोगों के अटूट विश्वास का प्रतीक है और आम आदमी पार्टी का बहुमत पूरी तरह बरकरार है। उन्होंने भरोसा जताया कि 2027 में यह समर्थन और भी बड़े जनादेश के रूप में सामने आएगा।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सदन में उनकी अनुपस्थिति उनकी कमजोरी और मौन समर्थन को दर्शाती है। साथ ही उन्होंने दलबदल विरोधी कानून को और सख्त बनाने तथा ‘रिकॉल’ के अधिकार की मांग को लेकर राष्ट्रपति से मिलने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार को अस्थिर करने के लिए गलत और भ्रामक सूचनाएं फैलाई जा रही हैं, लेकिन राज्य के लोग सरकार के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष निराशा में है और जनता से उन्हें कोई समर्थन नहीं मिल रहा।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी एक मजबूत और विचारधारा आधारित पार्टी है, जिसे तोड़ा नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करता है और डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान की भावना के खिलाफ है।
विधानसभा में कुल 88 ‘आप’ विधायक मौजूद थे, जबकि कुछ विधायक विदेश, अस्पताल और जेल में होने के कारण अनुपस्थित रहे। इसके बावजूद प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया, जो सरकार की राजनीतिक ताकत को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों का जिक्र करते हुए बताया कि किसानों के हित में राज्य में बड़े स्तर पर सिंचाई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। पहली बार 1 मई से ही नहरों में पानी छोड़ा गया है, जिससे धान सीजन से पहले किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि हजारों किलोमीटर लंबी नहरें और पाइपलाइनें शुरू की गई हैं, जिससे भूजल स्तर सुधारने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के संसाधनों की सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करना है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार जनता के विश्वास पर खरी उतरने और राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।









