
चंडीगढ़/अमृतसर, 19 मार्च:
भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चल रही मुहिम के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नाबालिग समेत छह आरोपियों को सात आधुनिक पिस्तौल सहित गिरफ्तार कर सीमा पार से चल रहे एक हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी (गांव बुरज, अमृतसर), मनीष कुमार उर्फ जैरी (सुंदर नगर, बटाला), सरूप सिंह उर्फ रूप (गांव चूचकवाल, अमृतसर), चमकौर सिंह (गांव फतेहपुर राजपूता, अमृतसर) और वंश शर्मा (भिखीविंड, तरनतारन) के रूप में हुई है, जबकि एक नाबालिग भी शामिल है। बरामद हथियारों में पांच 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल और दो .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी एक पुर्तगाल-आधारित विदेशी हैंडलर के संपर्क में थे, जो ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान से अवैध हथियारों की तस्करी में उनकी मदद कर रहा था। आरोपी इन हथियारों की खेप प्राप्त कर आगे आपराधिक तत्वों को सप्लाई करते थे।
उन्होंने कहा कि पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए आगे-पीछे के लिंक स्थापित करने हेतु जांच जारी है।
पुलिस कमिश्नर अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने योजनाबद्ध तरीके से एक नाबालिग सहित गुरप्रीत उर्फ गोपी को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से दो 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल बरामद किए।
आगे की पूछताछ में सामने आए खुलासों के आधार पर उनके साथियों मनीष उर्फ जैरी, सरूप उर्फ रूप और चमकौर सिंह को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से तीन और 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल बरामद हुए। बाद में आरोपी चमकौर सिंह की निशानदेही पर वंश शर्मा को भी दो .30 बोर पिस्तौल सहित गिरफ्तार किया गया।
सीपी ने बताया कि आरोपी मनीष उर्फ जैरी पिछले साल बटाला में पुलिस अधिकारियों पर हुई फायरिंग की घटना में शामिल था और फरार चल रहा था। वहीं, सरूप उर्फ रूप का भी आपराधिक रिकॉर्ड है, जिस पर एनडीपीएस एक्ट और चोरी के कई मामले दर्ज हैं।
इस संबंध में अमृतसर के पुलिस स्टेशन छावनी में आर्म्स एक्ट की धारा 25(6), 25(7)(1) और 25(8) के तहत एफआईआर नंबर 42, दिनांक 11-03-2026 को मामला दर्ज किया गया है।









