
चंडीगढ़/अमृतसर, 3 मई: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सात आधुनिक पिस्तौल समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर सीमा पार से हथियारों की तस्करी के एक और मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। यह जानकारी पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान समरबीर सिंह उर्फ सिमर (21) निवासी महिंद्रा कॉलोनी, अमृतसर; सतनाम सिंह उर्फ सत्ता (23) निवासी गांव फतेहपुर, तरनतारन (वर्तमान में कृष्णा नगर, अमृतसर); तनुप्रीत सिंह (26) निवासी प्रताप नगर, अमृतसर; और करणजोत सिंह उर्फ साजन (26) निवासी कृष्णा नगर, अमृतसर के रूप में हुई है। बरामद हथियारों में ऑस्ट्रिया निर्मित दो 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल, चीन निर्मित चार .30 बोर पिस्तौल और एक अन्य .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तान स्थित तस्करों के संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि अवैध हथियारों की खेप सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजी जाती थी, जिसे स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से आगे अपराधियों तक पहुंचाया जाता था।
डीजीपी ने कहा कि नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगाने के लिए आगे-पीछे के लिंक की जांच जारी है।
कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर एक सुनियोजित ऑपरेशन के तहत समरबीर सिंह उर्फ सिमर को दो ग्लॉक पिस्तौल समेत गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर उसके तीन अन्य साथियों—सतनाम उर्फ सत्ता, तनुप्रीत सिंह और करणजोत उर्फ साजन—को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जिनके खुलासों पर पांच और पिस्तौल बरामद किए गए।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी सतनाम उर्फ सत्ता पहले भी एक मामले में शामिल रहा है, जिसमें उसके कब्जे से 8 किलो हेरोइन बरामद की गई थी। उन्होंने कहा कि सतनाम और करणजोत एक ही इलाके में रहते थे और पाकिस्तान-आधारित हैंडलर के निर्देश पर मिलकर काम कर रहे थे।
उन्होंने यह भी बताया कि सभी आरोपी शिक्षित हैं और पहले एक निजी कंपनी में सेल्समैन के रूप में काम कर चुके हैं। सभी आरोपी एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते थे और आसपास के क्षेत्रों में ही रहते थे।
इस संबंध में अमृतसर के थाना छावनी में आर्म्स एक्ट की धारा 25 (1-ए, 6, 7, 8) के तहत एफआईआर नंबर 70 दिनांक 30-04-2026 दर्ज की गई है।









