राजनीति

अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए आगे बढ़ने और वास्तव में ‘जंग रोकने’ की जिम्मेदारी लेने का समय आ गया है:भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़, 28 मार्च 2026:

खाड़ी देशों में बढ़ते वैश्विक तनाव और प्रमुख समुद्री मार्गों में रुकावट के कारण बाजारों में पैदा हो रही अस्थिरता के मद्देनज़र पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार से निर्णायक कदम उठाने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जिम्मेदारी लेने और देश की आर्थिक व ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा के लिए भारत के वैश्विक संबंधों का उपयोग करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विश्वगुरु बनने की बात करते हैं, लेकिन यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो मौजूदा हालात देश को “विश्वचेला” बना सकते हैं।

प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में मुख्यमंत्रियों के साथ बुलाई गई वर्चुअल बैठक का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि खाड़ी देशों में युद्ध जैसी स्थिति ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि प्रमुख समुद्री मार्गों में बाधा वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। बैठक के दौरान सभी राज्यों ने अपनी चिंताएं विस्तार से रखीं। उन्होंने बताया कि जहां कुछ राज्य खनन या तटीय व्यापार पर निर्भर हैं, वहीं पंजाब की अर्थव्यवस्था कृषि, उद्योग और इसकी सीमावर्ती स्थिति से जुड़ी हुई है।

स्थिति की गंभीरता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह वही समय है जब प्रधानमंत्री को आगे आकर युद्ध रोकने में जिम्मेदार भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विभिन्न देशों के साथ मजबूत संबंधों का इस्तेमाल अब 140 करोड़ भारतीयों के हित में किया जाना चाहिए।

पंजाब की चिंताओं, खासकर मौजूदा गेहूं खरीद सीजन से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे ही मंडियों में गेहूं की आवक शुरू होगी, केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पंजाब में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी न हो। ईंधन आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा सीधे तौर पर किसानों, परिवहन और खरीद कार्यों को प्रभावित करेगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि हम विश्वगुरु बनने की बात करते हैं, लेकिन हालात देखकर लगता है कि हम विश्वचेला बन रहे हैं। यह समय है कि भारत अपनी वैश्विक स्थिति को ठोस कार्रवाई में बदले, जिससे अपने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को सप्लाई चेन को स्थिर करने, निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने और देश को वैश्विक अस्थिरता के प्रभाव से बचाने के लिए तेजी से कदम उठाने चाहिए।

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