
चंडीगढ़, 2 अप्रैल
मजबूत वित्तीय प्रबंधन और निरंतर आर्थिक सुधार को दर्शाते हुए, पंजाब के वित्त, आबकारी और कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मार्च माह तक शुद्ध वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में 12.52% की महत्वपूर्ण वृद्धि का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि राज्य ने मार्च 2026 में वर्ष-दर-वर्ष भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है, जिसमें शुद्ध GST संग्रह मार्च 2025 के 1,913.82 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,231.93 करोड़ रुपये हो गया, जो 318.11 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ और 16.6% वृद्धि को दर्शाता है। साथ ही मार्च में SGST नकद संग्रह में 18% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। लगभग 7% की राष्ट्रीय विकास दर के मुकाबले यह प्रदर्शन पंजाब को देश के बेहतर प्रदर्शन करने वाले बड़े राज्यों में शामिल करता है।
प्रेस बयान में इन आंकड़ों का खुलासा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य ने निरंतर और व्यापक राजस्व वृद्धि दर्ज की है। मार्च तक शुद्ध GST संग्रह 2024-25 के 23,642.08 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 26,601.12 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें 2,959.04 करोड़ रुपये की ठोस बढ़ोतरी दर्ज की गई। उन्होंने कहा, “इस निरंतर वित्तीय विस्तार ने पंजाब को राष्ट्रीय औसत से आगे रखते हुए शुद्ध GST राजस्व में लगभग 6% अधिक वृद्धि दर्ज कराई, जिससे राज्य एक मजबूत प्रदर्शनकर्ता के रूप में स्थापित हुआ है।”
वित्त मंत्री चीमा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 तीन-चरणीय राजस्व प्रवृत्ति को दर्शाता है—शुरुआती मजबूत वृद्धि, GST 2.0 नीति के कारण आई गिरावट और अंतिम तिमाही में शानदार रिकवरी। उन्होंने कहा, “पहले छह महीनों (अप्रैल से सितंबर 2025) में पंजाब ने शुद्ध GST संग्रह में 2,478.19 करोड़ रुपये की बड़ी वृद्धि दर्ज की, जो 23% वृद्धि को दर्शाती है। यह राज्य स्तर पर प्रभावी प्रवर्तन और अनुपालन उपायों का परिणाम है।”
GST 2.0 नीति के कारण आई चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अक्टूबर से दिसंबर तिमाही में गिरावट देखी गई, जहां शुद्ध संग्रह में 193.04 करोड़ रुपये (-3%) की कमी आई, जो मुख्य रूप से केंद्र द्वारा लागू नीति परिवर्तनों के कारण थी। इससे लगभग 400 करोड़ रुपये का अनुमानित राजस्व प्रभाव पड़ा।
उन्होंने आगे कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार के सक्रिय हस्तक्षेप से जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में तेज रिकवरी हुई, जिसमें कुल संग्रह में 564.97 करोड़ रुपये (9%) और शुद्ध संग्रह में 669.09 करोड़ रुपये (11%) की वृद्धि दर्ज की गई, जिसने पहले आई गिरावट की भरपाई करते हुए विकास की रफ्तार को फिर से बहाल किया।”
वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि GST संग्रह में लगातार वृद्धि, विशेषकर अंतिम तिमाही में मजबूत रिकवरी, राज्य सरकार की सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन और प्रभावी कर प्रशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सरकार अनुपालन ढांचे को मजबूत करने, तकनीक के उपयोग को बढ़ाने और ईमानदार करदाताओं का समर्थन जारी रखेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश जैसे कई बड़े राज्यों में मार्च 2026 और वार्षिक आंकड़ों में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई, जो GST संग्रह में व्यापक दबाव को दर्शाती है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में और अधिक वृद्धि की उम्मीद जताते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह निरंतर प्रवर्तन प्रयासों, बेहतर अनुपालन और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के कारण संभव होगा, जिससे राजस्व नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।









