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पंजाब सरकार ने रिकॉर्ड राजस्व, 1,300 करोड़ रुपये के सड़क कार्यों और व्यापक नागरिक सुधारों के माध्यम से शहरी बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाई है।

चंडीगढ़, 3 अप्रैल 2026:

स्थानीय सरकार, उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन और बिजली मंत्री संजिव अरोड़ा ने आज शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, बेहतर सेवा प्रदान करने और राज्य के नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने के उद्देश्य से व्यापक पहलों और सुधारों की घोषणा की।

लोगों को राहत प्रदान करने संबंधी उपायों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने बताया कि सुधार ट्रस्टों के लिए एकमुश्त निपटान (ओटीएस) योजना को 30 अप्रैल 2026 तक पुनः शुरू किया गया है। इसके तहत नॉन-कंस्ट्रक्शन फीस (एनसीएफ) पर लगभग 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, जिससे संपत्ति मालिकों को बड़ी वित्तीय राहत मिलेगी।

एक बड़ी उपलब्धि के रूप में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए हाउस टैक्स की वसूली 600 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह 500 करोड़ रुपये थी। यह वृद्धि शहरी स्थानीय निकायों की बेहतर कार्यकुशलता, पारदर्शिता और अनुपालन को दर्शाती है।

शहरी बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देते हुए मंत्री ने कहा कि नगर निगमों और काउंसिलों में 1,300 करोड़ रुपये की लागत से 2,120 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जिन्हें मई 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मानसून से पहले सड़कों के गड्ढों की पूरी तरह मरम्मत के लिए नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।

व्यवसाय करने में आसानी को बढ़ावा देने के लिए बिल्डिंग प्लान अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब फाइलें दो बार के बजाय केवल एक बार ही कमिश्नर के पास जमा करनी होंगी, जिससे समय की काफी बचत होगी। इसके अलावा, एसटीपी अनुमोदन अब केवल आधे एकड़ या उससे अधिक क्षेत्र वाले प्लॉटों के लिए आवश्यक होगा, जबकि पहले यह 500 वर्ग गज तक जरूरी था।

अनुमोदन प्रक्रिया को और तेज करने के लिए जिला और मुख्यालय स्तर पर सिंगल-विंडो कमेटी सिस्टम शुरू किया गया है, जिसके तहत सभी संबंधित अधिकारी एक साथ अनुमोदन दे सकेंगे।

आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करते हुए सरकार 131 करोड़ रुपये के निवेश से फायर सर्विसेज का आधुनिकीकरण कर रही है, जिसमें उन्नत फायर टेंडरों की खरीद और राज्यभर में 13 नए फायर स्टेशनों की स्थापना शामिल है।

मंत्री ने यह भी बताया कि सीवरेज नेटवर्क की सफाई प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और मानसून से पहले इसे पूरा कर लिया जाएगा। जहां संभव हो, वहां 9 विशेष वेंडरों के माध्यम से सुपर सक्शन मशीनें तैनात की जा रही हैं।

इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्यभर में 450 करोड़ रुपये के सीवरेज प्रोजेक्ट पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं और इन्हें मौजूदा वित्तीय वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है। साथ ही, वर्तमान तिमाही में 700 करोड़ रुपये के अतिरिक्त प्रोजेक्ट आवंटित किए जाएंगे।

जल प्रबंधन के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में सतही जल परियोजनाओं के लिए 700 करोड़ रुपये के कार्य आवंटित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य भूजल संरक्षण और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके अलावा, वर्तमान तिमाही में लगभग 800 करोड़ रुपये के 30 वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट भी आवंटित किए जाएंगे।

सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा,
“पंजाब शहरी परिवर्तन के एक नए दौर का साक्षी बन रहा है। बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे के विकास से लेकर अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाने और नागरिक सेवाओं में सुधार तक, हर पहल का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, तेज सेवाएं और उच्च गुणवत्ता वाला जीवन प्रदान करना है।”

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