
चंडीगढ़, 8 अप्रैल 2026:
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा संगरूर की धरती को ‘स्यौंक’ पैदा करने वाली धरती बताए जाने पर तीखा हमला किया। धालीवाल ने इसे बाजवा की घटिया मानसिकता और पंजाब के गौरवशाली इतिहास के प्रति उनकी अज्ञानता का प्रतीक बताया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा को बोलने से पहले संगरूर का इतिहास पढ़ लेना चाहिए था। जिस धरती ने उधम सिंह और सेवा सिंह ठिकरीवाला जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों को जन्म दिया, साथ ही नामधारी कूका आंदोलन और रियासती आंदोलनों को जन्म दिया, उसे ‘स्यौंक’ कहना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि संगरूर हमेशा से क्रांतिकारी आंदोलनों की अगुवाई करता रहा है—चाहे वह आजादी की लड़ाई हो या हालिया किसान आंदोलन।
धालीवाल ने सवाल उठाया कि जिस कार्यक्रम में बाजवा बोल रहे थे, क्या वहां मौजूद कांग्रेसी नेता संत राम सिंगला भी ‘स्यौंक’ थे? उन्होंने यह भी पूछा कि वहां मौजूद पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला ने बाजवा को इस बयान पर क्यों नहीं रोका। क्या बाजवा के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल और उनके स्वतंत्रता सेनानी पिता हीरा सिंह भट्टल भी ‘स्यौंक’ थे? उन्होंने बाजवा से तुरंत पंजाब के लोगों और संगरूर के निवासियों से माफी मांगने की मांग की।
कांग्रेस पर पलटवार करते हुए धालीवाल ने कहा कि असल में कांग्रेस ही वह ‘स्यौंक’ है जिसने 75 वर्षों तक देश और पंजाब को लूटा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पंजाब में इमरजेंसी लगाई, ऑपरेशन ब्लू स्टार किया, सिखों का कत्लेआम हुआ और हजारों युवाओं को फर्जी मुठभेड़ों में मारा गया। कोयला घोटाले से लेकर कैप्टन सरकार के समय साधु सिंह धर्मसोत और आशु जैसे मंत्रियों के भ्रष्टाचार तक, कांग्रेस ने पंजाब को नुकसान पहुंचाया है।
कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी एक साधारण पार्टी नहीं, बल्कि संगरूर की इसी क्रांतिकारी धरती से उठी एक लहर है, जिसने कैप्टन अमरिंदर सिंह, बादल परिवार और भट्टल जैसे बड़े राजनीतिक किलों को हिला दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यह लहर 2027 में बाजवा के गढ़ कादियां तक पहुंचेगी और कांग्रेस का पूरी तरह सफाया कर देगी। उन्होंने दावा किया कि पिछली बार 92 सीटें मिली थीं और अगली बार यह आंकड़ा 100 के पार जाएगा, क्योंकि पंजाब के लोग अब कांग्रेस की ‘लूट और कुशासन’ की राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे।









