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साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली), 4 मई 2026: पंजाब के गांवों को खेल बुनियादी ढांचे के विकास का केंद्र बनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान 15 जुलाई तक पूरे राज्य में विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस 3,100 खेल मैदान जनता को समर्पित करेंगे, जिनमें से आज 250 खेल मैदानों का उद्घाटन किया गया। युवाओं में नशे की समस्या को दूर करने में खेलों की अहम भूमिका बताते हुए उनकी अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी सरकार न केवल बुनियादी ढांचा विकसित कर रही है, बल्कि युवाओं को मुफ्त प्रशिक्षण, पेशेवर कोच और खेल उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी बनने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है।
खेलों में निवेश पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि खेल बजट, जो पहले 200 करोड़ रुपये से भी कम था, उसे बढ़ाकर 1,790 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही किला रायपुर ‘ग्रामीण ओलंपिक’ की शुरुआत के जरिए पंजाब की खेल विरासत को पुनर्जीवित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पहली बार एशियन हॉकी चैंपियनशिप की मेजबानी करने जा रहा है और राज्य को राष्ट्रीय व वैश्विक खेल मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
250 नए ग्रामीण खेल मैदानों का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाना है। उन्होंने कहा कि खेल संस्कृति को बढ़ावा देना नशे के खिलाफ लड़ाई में सबसे प्रभावी हथियार साबित हो सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि यह पहल राज्य से नशे की समस्या को खत्म करने और युवाओं को सामाजिक-आर्थिक विकास में भागीदार बनाने में मदद करेगी।
इस योजना के तहत पहले चरण में 1,250 करोड़ रुपये की लागत से 3,100 आधुनिक खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। इनमें से 250 मैदान आज समर्पित किए गए हैं, जबकि बाकी मैदान चरणबद्ध तरीके से 15 जुलाई तक पूरे कर दिए जाएंगे। इसके अनुसार 500 मैदान 15 मई, 250 मैदान 31 मई, 500 मैदान 15 जून, 1,000 मैदान 30 जून और 600 मैदान 15 जुलाई तक तैयार किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये ग्रामीण खेल मैदान ‘नशों के विरुद्ध युद्ध’ अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और युवाओं को नशे से दूर रहने के साथ-साथ राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित करेंगे।
सुविधाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि हर मैदान में चारदीवारी, पौधारोपण, 6 फीट चौड़ा वॉकिंग ट्रैक और सुबह-शाम के लिए फ्लडलाइट की सुविधा होगी। इसके अलावा वॉलीबॉल, फुटबॉल और हॉकी के मैदानों के साथ स्थानीय खेलों के लिए भी अतिरिक्त सुविधाएं होंगी।
उन्होंने बताया कि इन मैदानों में 400 मीटर का छह लेन रनिंग ट्रैक, उच्च क्षमता वाली लाइटिंग, स्प्रिंकलर सिस्टम, कंक्रीट बेंच, बच्चों के खेलने की जगह, पुरुषों और महिलाओं के लिए शौचालय, व्हीलचेयर रैंप और खेल उपकरण रखने के लिए स्टोरेज की व्यवस्था भी होगी।
प्रशिक्षण के बारे में उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को खेल किट और उपकरण दिए जाएंगे तथा उन्हें मुफ्त प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। हर मैदान के लिए फुटबॉल और वॉलीबॉल कोच नियुक्त किए जाएंगे। इन मैदानों के रखरखाव के लिए ग्रामीण खेल और फिटनेस समितियां बनाई जाएंगी।
वित्तीय प्रतिबद्धता पर उन्होंने कहा कि 2026-27 के लिए 1,791 करोड़ रुपये का खेल बजट निर्धारित किया गया है। नई खेल नीति के तहत खिलाड़ियों को ओलंपिक के लिए 15 लाख रुपये और एशियाई खेलों के लिए 8 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता हॉकी खिलाड़ियों को 1-1 करोड़ रुपये और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं को भी 1-1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है। साथ ही नौ ओलंपिक पदक विजेताओं को PCS और DSP नौकरियां दी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘खेलों वतन पंजाब दीआं’ ने राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत किया है, जिसमें 2024-25 के दौरान 5 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया और तीन वर्षों में 97.3 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करने के बारे में उन्होंने कहा कि किला रायपुर ग्रामीण खेलों को ‘मिनी ओलंपिक’ के रूप में वैश्विक पहचान मिली है। पंजाब विधानसभा द्वारा पारित कानून के जरिए बैलगाड़ी दौड़ जैसी पारंपरिक खेलों को फिर से शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि पहली बार पंजाब ‘एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी’ जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी करेगा। मैच बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम और जालंधर के सुरजीत हॉकी स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गांव के खिलाड़ियों से मुलाकात की, खेल किट वितरित की और महिला खिलाड़ियों के साथ वॉलीबॉल भी खेला।
इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।








