
चंडीगढ़, 7 मई: राज्य में नकली कृषि उत्पादों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने फरीदकोट की एक रिहायशी संपत्ति पर छापा मारकर बिना किसी लाइसेंस और कानूनी अनुमति के चल रही अवैध खाद और कीटनाशक पैकेजिंग यूनिट का भंडाफोड़ किया। आज सिटी पुलिस स्टेशन, फरीदकोट में उस मकान के मालिक राजिंदर सेठी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जहां से अवैध और एक्सपायरी कृषि सामग्री बरामद हुई है।
इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि विश्वसनीय सूत्रों से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर कृषि विभाग की टीम ने स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में मकान नंबर 87, गली नंबर 2, नारायण नगर, फरीदकोट में छापेमारी की। उक्त संपत्ति के मालिक की पहचान राजिंदर सेठी के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर अवैध खाद और कीटनाशक पैकेजिंग यूनिट चला रहा था। यह नकली और घटिया गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद कथित रूप से मेसर्स अमरावती एग्रो कॉर्पोरेशन, नालागढ़, सोलन, हिमाचल प्रदेश से प्राप्त किए जाते थे। बरामद कृषि उत्पादों की विभाग द्वारा जांच की जा रही है।
उन्होंने आगे बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि सेठी का जिला फरीदकोट द्वारा जारी खुदरा खाद लाइसेंस समाप्त हो चुका था, इसके बावजूद वह उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 का उल्लंघन करते हुए व्यापारिक गतिविधियां चला रहा था।
गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि कृषि विभाग की टीम ने प्रयोगशाला जांच के लिए मौके से नकली खाद के 18 नमूने एकत्र किए हैं। इसके अलावा, वहां से एक्सपायरी खाद के दो बैच और आठ एक्सपायरी कीटनाशक भी जब्त किए गए हैं। एक्सपायरी स्टॉक के औपचारिक नमूने नहीं लिए गए क्योंकि उत्पाद स्पष्ट रूप से खराब, अनुपयोगी और शेल्फ-लाइफ नियमों का उल्लंघन करने वाले थे।
टीम ने यह भी पाया कि राजिंदर सेठी अपनी रिहायश से बिना किसी कानूनी अनुमति या लाइसेंस के एक अवैध पैकेजिंग यूनिट चला रहा था। छापेमारी के दौरान संदिग्ध नकली खाद की बिना ब्रांड और खुली बोरियां भी बरामद की गईं। साथ ही, अवैध रीपैकिंग में इस्तेमाल होने वाले सिलाई और सीलिंग उपकरण भी जब्त किए गए।
कृषि विभाग की शिकायत पर फरीदकोट पुलिस ने राजिंदर सेठी के खिलाफ बीएनएस 2023 की धारा 318(4) और 61(2), उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धाराएं 7 और 8, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धाराएं 3(2)(डी) और 7, कीटनाशक अधिनियम 1968 की धाराएं 13, 17, 18, 23, 29 और 33 तथा कीटनाशक नियम 1971 के नियम 10, 12, 15 और 36 के तहत मामला दर्ज किया है।
राज्यभर के किसानों से किसी भी संदिग्ध खाद या कीटनाशक विक्रेता की जानकारी विभाग को देने की अपील करते हुए मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा, “यह आपराधिक लापरवाही और किसानों के साथ जानबूझकर की गई धोखाधड़ी का मामला है। रिहायशी इलाके से अवैध पैकेजिंग यूनिट चलाना, एक्सपायरी कीटनाशकों का भंडारण करना और बिना लाइसेंस व्यापार करना अक्षम्य अपराध है। हम इस छापेमारी पर नहीं रुकेंगे, बल्कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार हिमाचल प्रदेश स्थित फर्म सहित पूरी सप्लाई चेन की जांच करेगी। पंजाब के किसानों को नकली या एक्सपायरी कृषि उत्पाद बेचने में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”









