
बरनाला, 21 मई – Punjab Agricultural University के फार्म सलाहकार सेवा केंद्र, बरनाला द्वारा किसानों को धान की कम समय में तैयार होने वाली किस्मों और उर्वरकों के संतुलित उपयोग के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से गांव बीहला की सहकारी सभा में आज एक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर सचिव गगनदीप सिंह, प्रधान रुपिंदर सिंह, उपप्रधान गुरमीत सिंह तथा समस्त कमेटी सदस्यों के सहयोग से आयोजित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. अमनदीप कौर, जिला प्रसार वैज्ञानिक ने किसानों को मिट्टी परीक्षण के लिए नमूना लेने की सही विधि के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी तथा रासायनिक उर्वरकों के उचित और संतुलित उपयोग संबंधी सुझाव दिए।
उन्होंने बताया कि उर्वरकों का उपयोग आवश्यकता और मिट्टी परीक्षण के आधार पर करने से खेती की लागत कम होती है तथा मिट्टी की सेहत भी बेहतर बनी रहती है। किसानों को धान की कम अवधि में तैयार होने वाली किस्मों (पीआर 133, पीआर 132, पीआर 131, पीआर 128, पीआर 126 और बासमती 1509) को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि कम समय में पकने वाली किस्में पानी की बचत करने के साथ-साथ अगली फसल की समय पर बुवाई में भी सहायक सिद्ध होती हैं।
शिविर के दौरान धान की नई किस्म पीआर 133 की विशेषताओं पर भी चर्चा की गई। किसानों को धान और बासमती फसल में बीज उपचार तथा रोगों की रोकथाम संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई। स्वस्थ धान की पौध तैयार करने के लिए आवश्यक सुझाव साझा किए गए। धान में मधरेपन रोग की पहचान और उसके फैलाव के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर किसानों को धान का बीज भी उपलब्ध करवाया गया।









