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अमन अरोड़ा ने गैंगस्टरवाद को जड़ से खत्म करने का लिया संकल्प; तरनतारन में सरपंच की कायराना हत्या की कड़ी निंदा

चंडीगढ़/तरनतारन, 5 जनवरी:
तरनतारन जिले के गांव वलटोहा संधुआं के सरपंच जरमल सिंह की हत्या की जघन्य वारदात की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री एवं आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमन अरोड़ा ने समाज-विरोधी तत्वों को सख्त चेतावनी दी है कि इस घिनौने अपराध को अंजाम देने वाले—चाहे गोली चलाने वाले बदमाश हों या उनके पीछे खड़े सरगना—किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
श्री अमन अरोड़ा ने सरपंच जरमल सिंह, जिनकी रविवार को अमृतसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, के परिवार से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया। इस अवसर पर दुख प्रकट करते हुए कैबिनेट मंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार इस कठिन घड़ी में उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने संकल्प लिया कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जरमल सिंह एक निस्वार्थ, नेकदिल इंसान थे, जिन्होंने कभी किसी जरूरतमंद—चाहे वह उनके गांव का हो या इलाके का—को खाली हाथ नहीं लौटाया।
उन्होंने कहा कि अपराधियों ने हमसे एक हीरे जैसा इंसान छीन लिया है। जरमल सिंह जैसे लोग आजकल दुर्लभ हैं। स्वच्छ छवि और लोगों के दिलों में बसने वाला व्यक्ति ही तीन बार सरपंच बन सकता है। ऐसी नेक आत्मा का जाना समाज के लिए बड़ी क्षति है।
इस घटना के बाद अपराधियों के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए श्री अमन अरोड़ा ने घोषणा की कि इस संबंध में राज्य सरकार ने पंजाब पुलिस को पहले ही स्पष्ट और कड़े निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिसने भी कानून-व्यवस्था को भंग करते हुए इस अपराध को अंजाम दिया है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस सक्रिय और प्रभावी ढंग से काम कर रही है और आरोपी जल्द ही कानून के कठघरे में होंगे।
प्रदेश में गैंगस्टरवाद के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पिछले 10–15 वर्षों के दौरान तत्कालीन सरकारों के कुशासन और गैंगस्टरों को संरक्षण दिए जाने से ये हालात पैदा हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि गैंगस्टरवाद नाम की इस बीमारी को दशकों तक पाला-पोसा और फैलाया गया। उस दौर की राजनीतिक सरपरस्ती इस खतरनाक प्रवृत्ति के बड़े पैमाने पर बढ़ने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है।
श्री अमन अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि हमारी सरकार या पार्टी में कोई भी व्यक्ति गैंगस्टरों, नशा तस्करों या अपराधियों का संरक्षण नहीं करता। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे तत्वों के लिए राजनीतिक सुरक्षा का तंत्र पूरी तरह समाप्त हो चुका है। पंजाब सरकार प्रदेश को अपराध-मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
श्री अरोड़ा ने कहा कि इस नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मान सरकार गैंगस्टरवाद और गुंडागर्दी की इस बीमारी को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस मिशन में पूरी तरह जुटी हुई है। राज्य में अपराधियों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की जा रही है। दूसरे राज्यों या यहां तक कि विदेशों में बैठे अपराधी, जिनके इशारों पर यहां आपराधिक गतिविधियां होती हैं, भी बड़ी चुनौती हैं।
उन्होंने विदेशों में सक्रिय ऐसे भगोड़ों की प्रत्यर्पण प्रक्रिया में केंद्र सरकार से और अधिक सहयोग की मांग की। उन्होंने कहा कि जब गुजरात की जेल में बैठा बिश्नोई जैसा गैंगस्टर या विदेशों में बैठे अपराधी भारत में वारदातें करवाते हैं, तो केंद्र सरकार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। इन अपराधियों के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को तोड़ने के लिए केंद्र के पूर्ण और निर्बाध सहयोग की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक सरपंच पर हमला नहीं, बल्कि प्रदेश की शांति और कानून-व्यवस्था पर हमला है। राज्य सरकार तब तक चैन से नहीं बैठेगी, जब तक इस अपराध और हिंसा के व्यापक नेटवर्क में शामिल हर व्यक्ति को न्याय के कठघरे में नहीं खड़ा किया जाता।

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