
चंडीगढ़, 6 जनवरी:
राज्य के वन्य जीवों के बारे में जानने की विद्यार्थियों की तीव्र इच्छा और बढ़ती रुचि को देखते हुए छत्तबीड़ चिड़ियाघर में आने वाले विद्यार्थियों, विशेषकर सरकारी स्कूलों के छात्रों की संख्या में आश्चर्यजनक वृद्धि देखने को मिली है। जनवरी से दिसंबर 2025 तक 5 लाख से अधिक लोग छत्तबीड़ चिड़ियाघर का दौरा कर चुके हैं। इनमें से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की संख्या 62 हजार से अधिक है।
वन विभाग एवं वन्य जीव संरक्षण विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के ठोस प्रयासों तथा मंत्री लाल चंद कटारूचक के मार्गदर्शन में वन विभाग एवं वन्य जीव संरक्षण विभाग द्वारा किए गए अनेक उपक्रमों के परिणामस्वरूप सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों ने महेंद्र चौधरी जूलॉजिकल पार्क, जिसे छत्तबीड़ चिड़ियाघर के नाम से भी जाना जाता है, का दौरा किया है।
उल्लेखनीय है कि निजी प्राथमिक स्कूलों के 18,000 से अधिक तथा निजी हाई स्कूलों के 16,000 से अधिक विद्यार्थी चिड़ियाघर देखने पहुंचे।
यह बड़ी संख्या पंजाब की युवा पीढ़ी में राज्य के वन्य जीवों के साथ-साथ विविध वनस्पतियों और जीव-जंतुओं के प्रति बढ़ती जिज्ञासा को दर्शाती है। साथ ही यह राज्य सरकार द्वारा वन्य प्राणियों के प्रति सहानुभूति और संरक्षण की भावना विकसित करने के लिए उठाए गए विशेष कदमों को भी उजागर करती है, क्योंकि ये वन्य जीव प्रकृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
यह भी उल्लेखनीय है कि वर्ष 1977 में स्थापित छत्तबीड़ चिड़ियाघर में समय-समय पर लोगों में वन्य जीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं, जिनमें रक्तदान शिविर, दौड़ प्रतियोगिता (रन फॉर वाइल्ड), जू एजुकेशन प्रोग्राम आदि शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों, युवाओं और आम जनता को वन्य जीवों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाता है।
चिड़ियाघर में देश की सबसे बड़ी और सबसे लंबी वॉक-इन एवियरी (एक विशाल पिंजरा जहां पर्यटक पक्षियों को नज़दीक से देख सकते हैं) पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसके अलावा यहां एक अत्याधुनिक डायनासोर पार्क भी बनाया गया है। लगभग 1200 मीटर लंबे वाइल्डलाइफ सफारी क्षेत्र में 260 के.वी. क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित करने के साथ-साथ चारदीवारी को भी मजबूत किया गया है।
शेर सफारी क्षेत्र में मांसाहारी जानवरों के लिए एक महत्वपूर्ण देखभाल केंद्र का निर्माण भी किया गया है तथा पर्यटकों, विशेषकर स्कूली बच्चों की सुविधा के लिए एक ओपन एयर जू एजुकेशन प्लाज़ा भी विकसित किया गया है।






