अपराधपंजाबराजनीति

विजिलेंस ब्यूरो ने वर्ष 2025 के दौरान 127 ट्रैप मामलों में 187 व्यक्तियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया

चंडीगढ़, 11 जनवरी 2026:
समाज से भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (वीबी) ने इस सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लेते हुए रिश्वतखोरों पर शिकंजा कसने और जनता में जागरूकता फैलाने के लिए बहु-आयामी रणनीति अपनाई है। इस दौरान विजिलेंस ब्यूरो ने विभिन्न मामलों में 187 व्यक्तियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जो पंजाब सरकार के सक्षम और जवाबदेह शासन को दर्शाता है।
आज यहां यह जानकारी देते हुए विजिलेंस ब्यूरो के सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान विजिलेंस ब्यूरो ने 127 ट्रैप मामलों में विभिन्न विभागों के 144 कर्मचारियों और 43 निजी व्यक्तियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति अपनाते हुए, विजिलेंस ब्यूरो ने 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2025 तक 18 गजटेड अधिकारियों और 126 नॉन-गजटेड कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
उन्होंने खुलासा किया कि इस वर्ष के दौरान अन्य विभागों के अलावा पंजाब पुलिस के 43, राजस्व विभाग के 20, बिजली विभाग के 21, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 14, परिवहन विभाग के 9, स्थानीय सरकार विभाग के 8, वन विभाग के 5, स्वास्थ्य विभाग के 5 तथा मंडी बोर्ड के 3 कर्मचारियों को विभिन्न मामलों में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। इसके अतिरिक्त शिक्षा, सहकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा कार्मिक विभाग के दो-दो कर्मचारियों को भी भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार किया गया है।
ब्यूरो की कार्यप्रणाली के बारे में और जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपियों के खिलाफ 113 आपराधिक मामले दर्ज किए हैं, जिनमें 17 गजटेड अधिकारी, 98 नॉन-गजटेड कर्मचारी और 118 निजी व्यक्ति शामिल हैं। इसके अलावा 17 गजटेड अधिकारियों, 20 नॉन-गजटेड कर्मचारियों और 15 निजी व्यक्तियों के खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जांच के लिए 38 विजिलेंस इन्क्वायरी भी दर्ज की गई हैं। साथ ही 4 गजटेड अधिकारियों, 5 नॉन-गजटेड कर्मचारियों और 2 निजी व्यक्तियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के 10 मामले भी दर्ज किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, विजिलेंस ब्यूरो के मामलों की सुनवाई के दौरान अदालतों द्वारा दोषी ठहराए जाने के चलते 6 नॉन-गजटेड कर्मचारियों को उनके संबंधित प्रशासनिक विभागों द्वारा सेवाओं से बर्खास्त भी किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि विजिलेंस ब्यूरो ने इस वर्ष 65 विजिलेंस इन्क्वायरी का सफलतापूर्वक निपटारा भी किया है।
और विवरण साझा करते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न अदालतों ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत ब्यूरो द्वारा दर्ज और लड़े गए 34 मामलों में 63 आरोपियों को सजा सुनाई है, जिनमें 3 गजटेड अधिकारी, 38 नॉन-गजटेड कर्मचारी और 22 निजी व्यक्ति शामिल हैं। इन्हें एक वर्ष से पांच वर्ष तक की कैद की सजा सुनाई गई है। अदालतों ने इन मामलों में 5,000 रुपये से लेकर 2,01,000 रुपये तक के जुर्माने भी लगाए हैं, जो कुल मिलाकर 18,71,000 रुपये बनते हैं।
विजिलेंस ब्यूरो ने विजिलेंस जागरूकता सप्ताह के दौरान जागरूकता अभियानों को प्रभावी ढंग से लागू किया। इसके तहत समाज से भ्रष्टाचार के खात्मे के उद्देश्य से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सेमिनार और जनसभाएं आयोजित की गईं तथा ब्यूरो के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ईमानदारी की शपथ भी दिलाई गई। विजिलेंस ब्यूरो को पिछले वर्ष 6,158 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 363 भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त हुई थीं।
उन्होंने आगे बताया कि पिछले वर्ष के दौरान भ्रष्टाचार के मामलों में कई प्रभावशाली व्यक्तियों को भी नामजद/गिरफ्तार किया गया है, जिनमें पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया, विधायक रमन अरोड़ा, आईपीएस अधिकारी हरचरण सिंह भुल्लर, जालंधर से सहायक आयुक्त सीजीएसटी रविंदर कुमार शर्मा, बटाला से पीसीएस अधिकारी विक्रमजीत सिंह पांथे, लुधियाना से पीसीएस अधिकारी गुरबीर सिंह कोहली, एसबीएस नगर से पीसीएस अधिकारी रविंदर कुमार बंसल, जनरल मैनेजर पनसप अजीतपाल सिंह सैनी, पीएसपीसीएल के डिप्टी चीफ इंजीनियर हरमिंदर सिंह, सब-रजिस्ट्रार जगतार सिंह, तहसीलदार राम लाल, एसएमओ डॉ. सुमित सिंह, डीएसपी गुरशेर सिंह तथा सिविल अस्पताल सुनाम से डॉ. अमित सिंगला शामिल हैं।
इसके अलावा पिछले वर्ष के दौरान क्रमशः फाजिल्का, एसएएस नगर, अमृतसर और कपूरथला में तैनात परमजीत सिंह, धनवंत सिंह, कुलवंत सिंह, लखबीर सिंह और हरदयाल सिंह (सभी बीडीपीओ), अमरजीत सिंह (वन रेंज अधिकारी, होशियारपुर), नरेंद्रपाल सिंह (कार्यकारी इंजीनियर) तथा नगर निगम जालंधर, एमसी पटियाला, एमसी बठिंडा, एमसी फगवाड़ा और एमसी गुरदासपुर में तैनात सहायक टाउन प्लानर सुखदेव विशिष्ट, एटीपी जसपाल सिंह, एटीपी गुरप्रीत सिंह, एटीपी राज कुमार और एटीपी चरणजीत सिंह को भी गिरफ्तार किया गया/उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button