
चंडीगढ़, 11 जनवरी:
पंजाब के पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री सरदार गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और पशुधन से जुड़ी अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पंजाब सरकार द्वारा माघी के पावन पर्व के अवसर पर श्री मुक्तसर साहिब में विशाल पारंपरिक पशु एवं घोड़ों के मेले “घोड़ा मंडी” का आयोजन किया जा रहा है। यह जीवंत आयोजन पंजाब की समृद्ध ग्रामीण विरासत को प्रदर्शित करेगा, जिसमें घोड़ों और अन्य पशुओं की उच्च गुणवत्ता वाली नस्लें शामिल होंगी।
पशुपालन विभाग द्वारा किए गए प्रबंधों की जानकारी साझा करते हुए सरदार खुड्डियां ने बताया कि श्री मुक्तसर साहिब के लांबी ढाब स्थित औद्योगिक फोकल प्वाइंट में 70 एकड़ क्षेत्र में इस विशाल मंडी की व्यवस्था की गई है। इस मेले में पूरे क्षेत्र से बड़ी संख्या में ब्रीडरों, व्यापारियों और पशु प्रेमियों के पहुंचने की उम्मीद है।
घोड़ा मंडी के दौरान घोड़ों का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा, जो पंजाब की समृद्ध विरासत से रूबरू कराएगा। इस मेले में मारवाड़ी और नुकरा सहित अन्य उत्कृष्ट नस्लों के घोड़ों के अलावा दुर्लभ किस्म के अन्य पशु और जानवर भी लाए जाएंगे। इस अवसर पर राज्य की कृषि से जुड़े पशुपालन व्यवसाय के सर्वोत्तम तरीकों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
मेले को सफल बनाने के लिए विभाग द्वारा उठाए गए सक्रिय कदमों के बारे में बताते हुए सरदार गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ पशुधन की भलाई और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सरदार खुड्डियां ने कहा, “घोड़ा मंडी केवल एक मंडी नहीं है, यह हमारी आत्मा का हिस्सा है। मंडी में आने वाले प्रत्येक पशु की भलाई सुनिश्चित करने के लिए हमने व्यापक प्रबंध किए हैं।” उन्होंने बताया कि मेले के मैदान में एक समर्पित अस्थायी पशु चिकित्सा डिस्पेंसरी स्थापित की गई है। श्री मुक्तसर साहिब के पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. गुरदित्त सिंह के नेतृत्व में 40 सदस्यों की एक विशेष टीम का गठन कर मेले स्थल पर तैनात किया गया है। यह टीम पशुओं के लिए 24 घंटे उपचार सुविधाएं प्रदान करेगी और किसी भी प्रकार की बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखेगी।
‘घोड़ा मंडी’ को लेकर पशु प्रेमियों में उत्साह को उजागर करते हुए सरदार खुड्डियां ने कहा कि इसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है और कई पशुपालक पहले ही अपने पशुओं के साथ पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा, “हमें इस मंडी में हजारों की संख्या में पशुओं के आने की उम्मीद है, जो पंजाब के फलते-फूलते पशुधन क्षेत्र का प्रत्यक्ष प्रमाण है।”
पशुपालन मंत्री ने पशुपालकों से अपील की कि वे मेले में केवल स्वस्थ पशु ही लाएं। उन्होंने कहा, “हमारे पशुओं का स्वास्थ्य सर्वोपरि है। यदि किसी पशुपालक को अपने पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई दें, तो उसे मंडी में लाने से पहले मार्गदर्शन के लिए अपने स्थानीय पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।”
पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव श्री राहुल भंडारी ने कहा कि घोड़ा मंडी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने, व्यापार को बढ़ावा देने और नागरिकों को एक आकर्षक सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करने का एक अनूठा अवसर साबित होगी।






