
चंडीगढ़, 13 जनवरी:
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पी.एस.ई.बी.) द्वारा तीसरे अंतरराष्ट्रीय पंजाबी भाषा ओलंपियाड-2025 का सफलतापूर्वक आयोजन करने के बाद आज इसके परिणाम घोषित किए गए।
तीसरी से पाँचवीं कक्षा के लिए आयोजित अंतरराष्ट्रीय श्रेणी में नियामत कौर बराड़ ने पहला, अहिल सिंह ने दूसरा और हरसीरत कौर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। ये सभी विद्यार्थी ओस्लो (नॉर्वे) के निवासी हैं। छठी से आठवीं कक्षा की अंतरराष्ट्रीय श्रेणी में सिमरत कौर ने पहला, अमृत कौर विरदी ने दूसरा और नवजोत सिंह मठाड़ू ने तीसरा स्थान हासिल किया। ये सभी विजेता नैरोबी (केन्या) से हैं। नौवीं से बारहवीं कक्षा की अंतरराष्ट्रीय श्रेणी में ओस्लो के परमीत सिंह गुरम ने पहला स्थान प्राप्त किया।
पंजाब श्रेणी में, तीसरी से पाँचवीं कक्षा वर्ग में अमृतसर की रीनत माहल ने पहला, मोगा की अवनीत कौर ने दूसरा और फरीदकोट की संगमप्रीत कौर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। छठी से आठवीं कक्षा वर्ग में पटियाला की कारजनीत कौर ने पहला, फरीदकोट की जैस्मिन रूपरा ने दूसरा और रूपनगर की अनीशा कुमारी ने तीसरा स्थान हासिल किया। नौवीं से बारहवीं कक्षा वर्ग में मोगा के इंदरजीत सिंह ने पहला, फतेहगढ़ साहिब की सिमरनजोत कौर ने दूसरा और गुरदासपुर की नवरूप कौर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
अन्य राज्यों की श्रेणी में, तीसरी से पाँचवीं कक्षा वर्ग में दिल्ली की प्रनीत कौर आहूजा ने पहला, राजस्थान की खुशनूर कौर ने दूसरा और उत्तर प्रदेश की जस्मीन कौर ने तीसरा स्थान हासिल किया। छठी से आठवीं कक्षा वर्ग में हरियाणा की दक्षा ने पहला, जबकि चंडीगढ़ के गुरनूर सिंह और नवनीत उनियाल ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया। नौवीं से बारहवीं कक्षा वर्ग में चंडीगढ़ के मनतेज सिंह विरक ने पहला, हरियाणा के वंशदीप सिंह ने दूसरा और चंडीगढ़ के एकांश सिंह ने तीसरा स्थान हासिल किया।
ओलंपियाड के विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने 2.25 लाख से अधिक विद्यार्थियों की भारी भागीदारी को पंजाबी भाषा और संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह व्यापक प्रतिक्रिया हमारी मातृभाषा के प्रचार-प्रसार से जुड़ी नीतियों में जनता के विश्वास को दर्शाती है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह ओलंपियाड केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में पहचान, गर्व और भाषाई आत्मविश्वास पैदा करने के साथ-साथ अपनी मातृभाषा से जुड़ी सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने वाली एक सशक्त पहल थी। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास युवाओं में सांस्कृतिक गर्व और आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कैबिनेट मंत्री बैंस के नेतृत्व में आयोजित इस ओलंपियाड के लिए 18 अगस्त से 31 अक्टूबर 2025 तक बड़े स्तर पर ऑनलाइन पंजीकरण हुआ। इसमें तीसरी से बारहवीं कक्षा तक के सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी और सी.बी.एस.ई. स्कूलों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन ने अन्य भारतीय राज्यों तथा विदेशों में बसे प्रवासी भारतीय विद्यार्थियों की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया, जिससे वैश्विक स्तर पर पंजाबी भाषा को और मजबूती मिली।
इस अवसर पर पी.एस.ई.बी. के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने बताया कि ओलंपियाड की पारदर्शी प्रक्रिया के लिए तीन ऑनलाइन चरणों में चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक का उपयोग किया गया। कुल 2,25,276 पंजीकरणों में से 20,327 विद्यार्थी दूसरे चरण में, 4,009 अंतिम चरण में और 3,748 विद्यार्थी 23 दिसंबर 2025 को अंतिम लिखित परीक्षा में शामिल हुए।
डॉ. अमरपाल सिंह ने आगे बताया कि पहला पुरस्कार 11,000 रुपये, दूसरा पुरस्कार 7,100 रुपये तथा अगले आठ रैंक प्राप्त करने वालों को 5,100 रुपये दिए जाएंगे। कुल पुरस्कार राशि 3,30,000 रुपये है। सबसे अधिक पंजीकरण और भागीदारी करने वाले स्कूलों को भी सम्मानित किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की सरकार की नई पीढ़ी को अपनी भाषा और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने की सोच के अनुरूप पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड भविष्य में भी बड़े स्तर पर ऐसी जनकल्याणकारी और विद्यार्थी-केंद्रित गतिविधियों को जारी रखेगा।






