
चंडीगढ़, 2 फरवरी :
पंजाब के राजस्व, आवास निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री सरदार हरदीप सिंह मुंडियां ने आज विभिन्न यूनियनों के साथ मैराथन बैठकें कीं।
यहां पंजाब भवन में रेवेन्यू पटवार यूनियन, कानूनगो यूनियन, सांझा मुलाज़िम मंच पुड्डा तथा ऑल इंडिया आतंकवाद पीड़ित एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकों के दौरान कैबिनेट मंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी हर जायज़ मांग को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
सरदार हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार हर वर्ग की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राजस्व मंत्री ने विभिन्न एसोसिएशनों और यूनियनों द्वारा रखी गई मांगों को ध्यानपूर्वक सुना।
उन्होंने बताया कि जो मांगें विभागीय स्तर पर हल हो सकती हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाया जाएगा, जबकि जिन मांगों का समाधान मुख्यमंत्री या वित्त विभाग के स्तर पर किया जाना है, उन्हें पूरा करने के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के साथ बैठक की जाएगी।
राजस्व मंत्री ने पटवारी और कानूनगो एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से कहा कि अपनी ड्यूटी निभाते हुए बेहतर कार्य प्रदर्शन करने वाले पटवारियों और कानूनगोस को सरकार की ओर से सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे अपना कार्य पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करें।
इसके अतिरिक्त सांझा मुलाज़िम मंच, पुड्डा मोहाली के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इन कर्मचारियों को पेंशन योजना का लाभ देने संबंधी मामला जल्द ही मुख्यमंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।
ऑल इंडिया आतंकवाद पीड़ित एसोसिएशन के प्रतिनिधियों द्वारा रखी गई मांगों के बारे में कैबिनेट मंत्री सरदार हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि आतंकवाद से प्रभावित परिवारों की सहायता, सुरक्षा और पुनर्वास पंजाब सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि एसोसिएशन द्वारा रखी गई जायज़ मांगों पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उनके समाधान के लिए हर संभव एवं उचित कदम उठाए जाएंगे।
बैठकों के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव-सह-वित्त आयुक्त (राजस्व) श्री अनुराग वर्मा तथा आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री विकास गर्ग सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।









