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कार्यशाला के सुचारू संचालन के लिए 3,000 से अधिक अधिकारियों और 40,000 शिक्षकों ने विद्यार्थियों के अभिभावकों से की बातचीत: बैंस

चंडीगढ़, 7 फरवरी:

 

पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री सरदार हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने की एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने आज दूसरी राज्यव्यापी स्कूल-स्तरीय पेरेंट्स (अभिभावक) वर्कशॉप आयोजित की, जिसमें 17.50 लाख से अधिक अभिभावकों ने भाग लिया।

 

इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए सरदार बैंस ने कहा कि स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) की अगुवाई में शुरू की गई इस मेगा पहल ने राज्य की शिक्षा प्रणाली में अभिभावकों की भागीदारी के लिए एक नया मानक स्थापित किया है। यह पहल मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की सहयोगात्मक शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है, ताकि ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ के तहत शिक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा में अभिभावकों को सक्रिय भागीदार बनाना है।

 

शिक्षा मंत्री सरदार हरजोत सिंह बैंस ने श्री आनंदपुर साहिब हलके के सरकारी हाई स्कूल, मानकपुर (नंगल) में आयोजित इस वर्कशॉप में भाग लेते हुए अभिभावकों और स्कूलों के बीच साझेदारी को और सुदृढ़ करने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अभिभावकों और विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को तनावमुक्त परीक्षा तैयारी की रणनीतियों से सशक्त बनाना, सकारात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाना तथा पंजाब की “युद्ध नशों के विरुद्ध” मुहिम के तहत नशा रोकथाम के प्रति जागरूकता पैदा करना था, जिसमें शीघ्र पहचान, रोकथाम और सहायता पर विशेष ध्यान दिया गया।

 

उन्होंने आगे बताया कि कैबिनेट मंत्रियों डॉ. बलजीत कौर, श्री लालचंद कटारूचक, सरदार तरुनप्रीत सिंह सोंद और सरदार हरदीप सिंह मुंडियां तथा 40 से अधिक विधायकों ने अपने-अपने हलकों में इन वर्कशॉपों में भाग लेकर शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाया।

 

सरदार बैंस ने कहा कि दिसंबर 2025 में आयोजित पहली वर्कशॉप की शानदार सफलता के आधार पर आयोजित इस दूसरी वर्कशॉप ने स्कूलों और विद्यार्थियों के अभिभावकों के बीच एक मजबूत साझेदारी को बढ़ावा दिया। इस दौरान अभिभावकों को अपने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति में रुचि लेने और होम लर्निंग के समर्थन के प्रति जागरूक किया गया।

 

उन्होंने बताया कि वर्कशॉप के सफल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने निदेशकों और जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) सहित 3,000 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को निगरानी और प्रबंधन के लिए तैनात किया था। इसके अलावा, इन वर्कशॉपों के लिए पहले ही लगभग 40,000 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया था, ताकि इस पहल का वास्तविक और सकारात्मक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके।

 

शिक्षा की सूरत बदलने और एक शिक्षित एवं जागरूक युवा पीढ़ी तैयार करने के लिए स्कूलों और अभिभावकों के बीच समन्वय व सहयोग के महत्व को रेखांकित करते हुए सरदार हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह वर्कशॉप बच्चों की शैक्षणिक सफलता और समग्र भलाई के लिए अनुकूल घरेलू वातावरण तैयार करने के हमारे मिशन की आधारशिला है।

 

प्रभावशाली शिक्षा पहल ने पंजाब के सभी सरकारी स्कूलों में अभिभावकों, शिक्षकों और अधिकारियों को एकजुट किया

 

भगवंत मान सरकार की यह राज्यव्यापी पेरेंट्स वर्कशॉप एक सफल कार्यक्रम साबित हुई, जिसमें एक ही दिन में राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में 17.50 लाख से अधिक अभिभावकों ने भाग लिया। इस दूसरी राज्यव्यापी पेरेंट्स वर्कशॉप में 3,000 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती और लगभग 40,000 प्रशिक्षित शिक्षकों की मौजूदगी ने इसके सुचारू क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया। इस कार्यक्रम में पांच कैबिनेट मंत्रियों और 40 से अधिक विधायकों ने भाग लिया तथा प्रत्येक स्कूल में 1 से 1.5 घंटे के सत्र आयोजित किए गए। यह पहल ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ के तहत राजनीतिक प्रतिबद्धता, प्रशासनिक तैयारी और सामुदायिक सहभागिता के समन्वय को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

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