
चंडीगढ़, 7 फरवरी 2026
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर चिट्टे (नशे) के ठिकानों की जानकारी देना एक सांसद की बेहद घटिया और गैर-जिम्मेदाराना हरकत है। एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को नशा रोकने के बजाय नशा बिकने वाली जगहों को प्रमोट करना शोभा नहीं देता।
पन्नू ने कहा कि चाहे 10 साल का अकाली-भाजपा शासन रहा हो या उसके बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह और स्वयं चन्नी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार, इन सभी ने पंजाब में नशे को पनपने दिया और इसे रोकने के लिए कभी भी ठोस कदम नहीं उठाए।
आज जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार समूचे प्रदेशवासियों को साथ लेकर ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम चला रही है, जिसने नशा तस्करों में खौफ पैदा कर दिया है, उस समय चन्नी जैसे नेता वीडियो डालकर यह बता रहे हैं कि चिट्टा कहां उपलब्ध है। यह सीधे तौर पर सरकार की नशा विरोधी मुहिम को कमजोर करने और नशे के सौदागरों की मदद करने की एक सोची-समझी साजिश है।
बलतेज पन्नू ने आगे कहा कि एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि का काम पुलिस को जानकारी देकर नशे को रुकवाना होता है, न कि वीडियो के जरिए नशे के ठिकानों का प्रचार करना। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या चन्नी अब नशा बेचने वालों के ब्रांड एंबेसडर की भूमिका निभा रहे हैं?
पन्नू ने कहा कि पंजाब की जनता देख रही है कि किस तरह कांग्रेस के नेता नशे के खिलाफ जंग में साथ देने के बजाय रुकावटें पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं से स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा कि वे बताएं कि उनकी पार्टी सरकार की नशा विरोधी मुहिम के साथ खड़ी है या नशा बेचने वालों के साथ?
पन्नू ने चेतावनी दी कि ऐसी घटिया राजनीति से ‘आप’ सरकार का नशा मुक्ति का संकल्प कमजोर नहीं होगा। सरकार नशे के खात्मे तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी।









