
चंडीगढ़, 17 फरवरी 2026
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह के लिए मोगा में हुए विशाल जनसमूह को एक ऐतिहासिक क्षण और नशे के खिलाफ पंजाब की जारी लड़ाई में एक निर्णायक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि लोगों की भारी भागीदारी राज्य को नशे की अभिशाप से मुक्त करने के लिए जन-संकल्प की एक नई लहर को दर्शाती है।
मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पिछले वर्ष मार्च में ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान शुरू किया था, जिसके पूरे राज्य में शानदार परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि बड़े तस्करों को गिरफ्तार कर जेलों में डाला गया, मामले दर्ज किए गए और नशा तस्करों के नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। सख्ती के साथ-साथ सरकार ने हजारों गांवों में जागरूकता अभियान भी चलाए।
अभियान के तहत लिए गए संरचनात्मक फैसलों पर प्रकाश डालते हुए ‘आप’ पंजाब के मुख्य प्रवक्ता ने बताया कि सबसे अहम कदम हर गांव, शहर और वार्ड में 10 सदस्यीय ग्राम रक्षा समितियों का गठन करना था। उन्होंने आगे कहा कि इन समितियों ने नशे के खिलाफ लोगों को संगठित करने और नशा तस्करी में शामिल लोगों के बारे में पंजाब पुलिस और जिला प्रशासन के साथ विश्वसनीय जानकारी साझा कर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस अभियान को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए धालीवाल ने कहा कि यह जंग न तो अकेली पुलिस जीत सकती है, न अकेला प्रशासन और न ही अकेले लोग। यह तीन-पक्षीय लड़ाई है। वीडीसी, पंजाब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पंजाब से नशे के खात्मे के लिए मिलकर लड़ रहे हैं।
मोगा कार्यक्रम को नशा विरोधी अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत करार देते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि हजारों वीडीसी सदस्यों की भागीदारी ने स्पष्ट कर दिया है कि लोग नशे के खिलाफ खड़े हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब लोग जाग जाते हैं, तो नशा खत्म हो सकता है। कल का यह जुटान ‘आप’ की रैली नहीं थी, यह वीडीसी का आयोजन था, इसी कारण मुख्य सचिव और डीजीपी ने इसे संबोधित किया।
‘आप’ विधायक ने निशाना साधते हुए कहा कि जन-संगठन के इस स्तर को देखकर विपक्षी नेता घबरा गए हैं। उन्होंने कहा कि वे बेबुनियाद बयानबाज़ी कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि यदि नशा खत्म हो गया तो उनकी राजनीतिक दुकानें हमेशा के लिए बंद हो जाएंगी।
शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस को चुनौती देते हुए धालीवाल ने उनसे अपने सत्ता काल का हिसाब देने को कहा। उन्होंने सवाल किया, “अकाली दल के 10 साल और कांग्रेस के 5 साल के शासन के दौरान नशा तस्करों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई? क्या उन्होंने कभी ऐसा अभियान चलाया, तस्करों की संपत्तियां ढहाईं या बड़े तस्करों को जेल भेजा?”
अभियान के प्रभाव को दर्शाने के लिए एक ताज़ा उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि एक सरपंच को 10 लाख रुपये के इनाम से सम्मानित किया गया क्योंकि उनकी वीडीसी द्वारा दी गई सूचना के आधार पर 40 किलो हेरोइन बरामद हुई थी। उन्होंने कहा कि अहम अभियानों में शामिल अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया है और सरकार ऐसी कोशिशों की सराहना करती रहेगी।
सभी वीडीसी सदस्यों को उनकी प्रतिबद्धता के लिए बधाई देते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने उनसे अपील की कि जब तक पंजाब से नशे का पूरी तरह खात्मा नहीं हो जाता, तब तक वे एकजुट और दृढ़ बने रहें।









