
चंडीगढ़, 24 फरवरी:
मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के बुज़ुर्ग नागरिकों को समाज की अनमोल धरोहर मानते हुए उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण सुनिश्चित करने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी दिशा में राज्य-स्तरीय अभियान “साडे बुज़ुर्ग साडा मान” के तहत लगाए गए स्वास्थ्य जांच शिविरों के दौरान 16,000 से अधिक बुज़ुर्ग नागरिकों का पंजीकरण कर उन्हें सरकारी कल्याणकारी सुविधाओं से जोड़ा गया है।
इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि सीनियर सिटीजन एक्शन प्लान के तहत वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान बुज़ुर्गों के लिए लगाए जाने वाले स्वास्थ्य जांच शिविरों और अन्य संबंधित गतिविधियों हेतु ₹7.86 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि इन शिविरों के दौरान 4543 बुज़ुर्गों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, 2071 का ऑर्थोपेडिक परीक्षण, 3705 की आंखों की जांच की गई। वहीं 1129 बुज़ुर्गों ने योग सत्रों में भाग लिया, 1489 ने होम्योपैथिक उपचार और 2054 ने आयुर्वेदिक सेवाओं, सहायक उपकरणों तथा अन्य सुविधाओं का लाभ उठाया।
उन्होंने आगे बताया कि एलिम्को योजना के तहत 243 बुज़ुर्ग नागरिक पंजीकृत हुए, जिनमें से 89 को व्हीलचेयर, चश्मे और श्रवण यंत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा 355 बुज़ुर्गों के वृद्धावस्था पेंशन फॉर्म तैयार किए गए और 393 को सीनियर सिटीजन कार्ड जारी किए गए।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पंजाब के अधिकांश जिलों में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जा चुके हैं, जिनमें अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला सहित कई जिले शामिल हैं, जबकि फरीदकोट और संगरूर में जल्द ही ये शिविर लगाए जाएंगे।
इस अभियान को सुचारु रूप से लागू करने के लिए राज्य एक्शन प्लान के तहत इस बजट आवंटन से जिला-स्तरीय स्वास्थ्य जांच शिविरों और संबंधित गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में बुज़ुर्ग नागरिकों को मोतियाबिंद सर्जरी, मुफ्त सहायक उपकरणों का वितरण, वृद्धावस्था पेंशन सुविधा, सीनियर सिटीजन कार्ड जारी करने के साथ-साथ योग शिविर, कानूनी जागरूकता कार्यक्रम और अन्य जागरूकता गतिविधियों की सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई गई। इसके तहत 2187 बुज़ुर्ग नागरिकों को “मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटीज़न एक्ट-2007” के बारे में जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त, बुज़ुर्ग नागरिकों को जागरूक समाज से जोड़ने के लिए उत्पादक और अंतर-पीढ़ी गतिविधियां भी करवाई गईं। इसके अंतर्गत 379 बुज़ुर्ग नागरिकों ने प्रोडक्टिव और एक्टिव एजिंग कैंपों में भाग लिया, जबकि 140 बुज़ुर्गों ने गिद्धा, भांगड़ा, कविता और नाटक जैसी अंतर-पीढ़ी साझा गतिविधियों में सहभागिता की। साथ ही 1841 बुज़ुर्ग नागरिकों ने योग शिविरों में भाग लेकर शारीरिक और मानसिक तंदुरुस्ती की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि बुज़ुर्ग हमारे समाज की अमूल्य पूंजी हैं और उनकी देखभाल करना मान सरकार की नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह प्रयास तभी सफल होगा जब परिवार और समाज मिलकर बुज़ुर्ग नागरिकों को इन स्वास्थ्य शिविरों तक लाने में सक्रिय सहयोग करेंगे।









