
चंडीगढ़, 24 फरवरी:
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज नव-पदोन्नत वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों (एसएमओ) के लिए व्यापक दो-दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने जिला और ब्लॉक स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करने में एसएमओ की अहम भूमिका पर ज़ोर दिया।
अधिकारियों को पदोन्नति पर बधाई देते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह प्रशिक्षण विशेष रूप से उनकी प्रशासनिक, प्रबंधकीय और कार्यक्रम कार्यान्वयन क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए तैयार किया गया है, ताकि वे अपनी नई जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण आत्मविश्वास और दक्षता के साथ कर सकें। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रमुख स्वास्थ्य पहलों की सफलता ज़मीनी स्तर पर इन अधिकारियों के नेतृत्व, निगरानी और प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है।
स्वास्थ्य मंत्री ने एसएमओ को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना (एमएमएसवाई) सहित प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एमएमएसवाई के तहत लाभार्थियों के 100 प्रतिशत नामांकन और समय पर कार्ड जारी करने को सुनिश्चित करते हुए प्रगति की कड़ी निगरानी करने को कहा। एमएमएसवाई के अंतर्गत एसएमओ स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए उपलब्ध फंड का उपयोग कर सकते हैं।
डॉ. बलबीर सिंह ने एसएमओ को आम आदमी क्लीनिकों में दवाइयों और डायग्नोस्टिक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा नई सुविधाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ पहल के तहत नशा मुक्ति सेवाओं को सुदृढ़ करने और ओट क्लीनिकों की निगरानी की जिम्मेदारी भी एसएमओ को सौंपी।
स्वास्थ्य मंत्री ने मुफ्त दवाइयों से संबंधित पहल के महत्व पर बल देते हुए कहा कि आवश्यक दवाओं की 100 प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और दवाइयों की कमी से बचने के लिए पारदर्शी ढंग से स्टॉक प्रबंधन किया जाए।
उन्होंने एसएमओ को 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों की हाइपरटेंशन, मधुमेह और कैंसर के लिए एनसीडी स्क्रीनिंग कार्यक्रम की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी। साथ ही टीबी मुक्त अभियान की 100-दिवसीय मुहिम के तहत मामलों की पहचान और उपचार की कड़ी निगरानी करने को कहा।
अपने चिकित्सकीय करियर से जुड़ा एक प्रसंग साझा करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि एक बार उनका तबादला सीएचसी कौली से जिला पटियाला किया गया था, लेकिन गांव के लोग तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री के पास पहुंच गए ताकि उनका तबादला रोका जा सके। उन्होंने डॉक्टरों को समुदाय के साथ इसी तरह के समर्पण और सेवा भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. बलबीर सिंह ने नैतिकता, सौहार्द और सहानुभूति के साथ सेवा देने पर ज़ोर देते हुए कहा कि समुदाय से जुड़ाव कई बार छोटे-छोटे प्रयासों से भी बड़ा बदलाव ला सकता है। उन्होंने अधिकारियों से एक स्वस्थ, नशामुक्त और सशक्त पंजाब—स्वस्थ और रंगला पंजाब—के सपने को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ काम करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशक डॉ. हितिंदर कौर और स्वास्थ्य सेवाएं (परिवार कल्याण) निदेशक डॉ. अदिति सलारिया ने भी नव-पदोन्नत एसएमओ को कुशल और प्रभावी ढंग से सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम अधिकारी (प्रशिक्षण) डॉ. परविंदर कौर तथा अन्य राज्य कार्यक्रम अधिकारी प्रतिभागियों को विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।









