
चंडीगढ़, 26 फ़रवरी:
पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने विज्ञापनों में महिलाओं को अश्लील और अपमानजनक तरीके से प्रस्तुत किए जाने के कई मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि पंजाब सरकार महिलाओं के मान-सम्मान का किसी भी प्रकार का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं करेगी।
इस मुद्दे पर बोलते हुए मंत्री ने कहा, “यह अत्यंत चिंताजनक है कि विभिन्न विज्ञापनों के माध्यम से महिलाओं के अश्लील और अपमानजनक चित्रण के कई मामले विभाग के संज्ञान में आए हैं। अश्लील प्रतिनिधित्व (निषेध) अधिनियम, 1986 महिलाओं के किसी भी अश्लील या अपमानजनक चित्रण पर सख्त प्रतिबंध लगाता है।”
उन्होंने आगे कहा कि विज्ञापनों, प्रकाशनों, पेंटिंग्स या किसी भी अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से महिलाओं को अश्लील या अपमानजनक ढंग से प्रस्तुत करना कानून के तहत दंडनीय अपराध है और अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की इज्जत, सम्मान और सुरक्षा की रक्षा पंजाब सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है और इस संबंध में कानून के किसी भी उल्लंघन पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मीडिया प्लेटफॉर्म्स को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “सभी टीवी चैनलों, वेबसाइटों, वेब-आधारित एप्लिकेशनों, समाचार पत्रों और अन्य ऑडियो-विजुअल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि महिलाओं को अश्लील या अपमानजनक तरीके से दर्शाने वाली कोई भी सामग्री या विज्ञापन प्रसारित, प्रकाशित या मुद्रित न किया जाए। ऐसी सामग्री का प्रसारण कानून का उल्लंघन है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
मंत्री ने राज्य भर में कड़ी प्रशासनिक निगरानी के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा, “पंजाब के सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे मामलों का स्वतः संज्ञान लें और प्राप्त शिकायतों पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।” उन्होंने आगे कहा, “ऐसे मामलों की पंजाब और जिला स्तर पर उपायुक्तों द्वारा समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार महिलाओं के अधिकारों, मान-सम्मान और सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और समाज में महिलाओं के प्रति जागरूकता एवं सम्मान को सुदृढ़ करने के लिए सरकार निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है।”
इस पहल को निर्णायक बताते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार का यह प्रयास एक सुरक्षित, सम्मानजनक और गरिमामय समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”









