
चंडीगढ़/श्री आनंदपुर साहिब, 26 फ़रवरी:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार श्री आनंदपुर साहिब में मनाए जाने वाले पवित्र पर्व होला मोहल्ला के लिए पुख़्ता प्रबंध सुनिश्चित करने के मद्देनज़र स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (कानून एवं व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने आज सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
उल्लेखनीय है कि तीन दिवसीय वार्षिक होला मोहल्ला 2 से 4 मार्च 2026 तक श्री आनंदपुर साहिब में मनाया जाएगा।
डीआईजी रूपनगर रेंज नानक सिंह और एसएसपी रूपनगर मनिंदर सिंह के साथ समन्वय बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला ने निर्देश दिए कि खालसा की जन्मस्थली पर देश-विदेश से आने वाली लाखों संगतों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध किए जाएं।
पूरे क्षेत्र को योजनाबद्ध ढंग से 12 सेक्टरों में विभाजित किया गया है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगभग 5,000 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। हवाई और भीड़ निगरानी के लिए छह ड्रोन लगाए गए हैं, जिनकी लाइव फ़ीड की निगरानी केंद्रीय कंट्रोल रूम से की जाएगी।
स्पेशल डीजीपी ने सभी सेक्टर इंचार्जों और तैनात पुलिस बल को संगतों से विनम्र व्यवहार करने और आयोजन को सफल बनाने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि शांतिपूर्ण और सुचारू आयोजन के लिए रूपनगर पुलिस ने कई नई पहलें लागू की हैं ताकि संगतों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। क्षमता के अनुसार कुल 21 पार्किंग क्षेत्रों की पहचान की गई है और मार्गदर्शन के लिए पार्किंग व रूट्स पर कलर-कोडिंग योजना लागू होगी। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु 100 ई-रिक्शा और 50 मिनी-बसों सहित 24 घंटे शटल सेवाएं पार्किंग क्षेत्रों से उपलब्ध रहेंगी।
इसके अतिरिक्त, शटल सेवाओं, पार्किंग प्वाइंट्स, चिकित्सकीय सुविधाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं की जानकारी देने के लिए विभिन्न स्थानों पर क्यूआर-कोड आधारित सूचना प्रणालियां स्थापित की गई हैं।
शहर की संपर्क सड़कों को कवर करने के लिए पीटीजेड और एएनपीआर कैमरों सहित लगभग 200 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि आनंदपुर साहिब थाना स्थित सीसीटीवी कंट्रोल रूम से 24 घंटे लाइव निगरानी की जाएगी। पहली बार चरण गंगा स्टेडियम में प्रभावी भीड़ प्रबंधन के लिए तीन-स्तरीय बैरिकेडिंग प्रणाली भी लागू की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि होला मोहल्ला सिख समुदाय की चढ़दीकला का प्रतीक पर्व है, जिसमें श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती पर जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग भाग लेते हैं।









