
चंडीगढ़, 27 फ़रवरी 2026
आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को अदालत द्वारा बरी किए जाने के फैसले पर कहा कि आज का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में “सच्चाई और ईमानदारी” की सबसे बड़ी जीत के रूप में दर्ज होगा।
मंत्री बैंस ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि आप नेताओं को अदालत से बरी किया जाना इस बात का सबूत है कि जांच एजेंसियों के पास कोई ठोस आधार नहीं था। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने 100 करोड़ रुपये के फर्जी घोटाले का शोर मचाया, लेकिन जमीनी स्तर पर एक चवन्नी भी बरामद नहीं हुई। यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि पूरा मामला सिर्फ अरविंद केजरीवाल की बढ़ती लोकप्रियता को रोकने के लिए रची गई एक घटिया राजनीतिक साजिश था। जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया गया, जो आज बुरी तरह विफल हो गया है।
केंद्र की भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला करते हुए बैंस ने कहा कि केंद्र के इशारे पर मनीष सिसोदिया को दो साल और अरविंद केजरीवाल को छह महीने तक सलाखों के पीछे रखा गया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने यह भी नहीं सोचा कि मनीष सिसोदिया की पत्नी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं और अरविंद केजरीवाल शुगर के मरीज हैं। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन विरोधियों ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दीं। आज अदालत के फैसले ने इन तानाशाही ताकतों के मुंह पर करारा तमाचा जड़ा है।
मंत्री बैंस ने कहा कि पूरा देश अब समझ चुका है कि अरविंद केजरीवाल की राजनीति “काम की राजनीति” है। सरकारी स्कूलों की सूरत बदलना और विश्वस्तरीय अस्पतालों का निर्माण ही वे असली “अपराध” थे, जिनकी सजा देने की कोशिश की गई, लेकिन गुरु साहिब की कृपा से आज सच्चाई की जीत हुई है।
आने वाले चुनावों को लेकर विरोधियों को चेतावनी देते हुए हरजोत बैंस ने कहा कि यह फैसला आने वाले समय के लिए शुभ संकेत है। पंजाब में 2027 की विधानसभा चुनावों में हम 2022 के अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ देंगे। जनता विरोधियों के हर जुल्म का हिसाब वोट की चोट से लेगी। उन्होंने कहा कि 2029 में देश की राजनीति की कमान अरविंद केजरीवाल संभालेंगे और भारत को आप के दिल्ली–पंजाब मॉडल की तर्ज पर विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।









