
चंडीगढ़, 16 मार्च:
भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने पंजाब बजट 2026-27 में ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित कर सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। यह आवंटन राज्य की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा पहल को सशक्त बनाता है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी वर्ग से संबंधित परिवार आर्थिक तंगी के कारण गुणवत्तापूर्ण इलाज से वंचित न रहे।
मेडिकल इमरजेंसी के समय अधिकांश परिवारों के सामने दो बड़े सवाल होते हैं—इलाज कितनी जल्दी शुरू होगा और खर्च का प्रबंध कैसे होगा। पिछले महीनों में राज्यभर के परिवारों को ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के माध्यम से इन सवालों के जवाब मिलने शुरू हो गए हैं, जिसकी पहुंच लगातार बढ़ाई जा रही है।
इस योजना के तहत बजट 2026-27 में 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि इसका और विस्तार हो सके और राज्य के परिवारों को सरकारी तथा सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
यह कार्यक्रम अब पंजाब के लगभग 65 लाख परिवारों को कवर करता है, जिससे करीब 3 करोड़ लोगों को लाभ मिल रहा है और गंभीर बीमारियों के कारण होने वाले आर्थिक बोझ से सुरक्षा मिल रही है। योजना के विस्तार से नामांकन और स्वास्थ्य साझेदारी में तेजी साफ दिखाई दे रही है।
योजना के तहत 9 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनसे लाभार्थियों को 820 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिल रही है। वर्तमान में यह स्कीम 2,300 से अधिक उपचार पैकेज प्रदान करती है, जो विभिन्न प्रकार की चिकित्सा प्रक्रियाओं को कवर करती है।
इस योजना के लिए बढ़े हुए बजट पर बोलते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि बीमारी के समय परिवारों को इलाज के खर्च की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि जरूरत पड़ने पर हर परिवार को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।
उन्होंने आगे कहा कि इस योजना के जरिए हजारों परिवार, जो चिकित्सा खर्चों के बोझ से जूझ रहे थे, अब इलाज तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
इस योजना के तहत लाभार्थी हृदय रोग, कैंसर, किडनी की बीमारियां, ऑर्थोपेडिक प्रक्रियाएं और दुर्घटनाओं से जुड़ी गंभीर स्थितियों का इलाज बिना किसी खर्च के प्राप्त कर सकते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि इलाज का निर्णय परिवार की आर्थिक स्थिति नहीं, बल्कि चिकित्सा आवश्यकता के आधार पर हो।
हाल के वर्षों में 1500 से अधिक डॉक्टरों की भर्ती के माध्यम से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया गया है, जिनमें 600 से अधिक विशेषज्ञ और 900 से अधिक सामान्य चिकित्सक शामिल हैं, जो वर्तमान में कुल कार्यरत डॉक्टरों का लगभग 35 प्रतिशत हैं।
पंजाब सरकार योग्य निवासियों को ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत कैशलेस इलाज का लाभ लेने के लिए नजदीकी सेवा केंद्रों और कॉमन सर्विस सेंटरों पर स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। जागरूकता और नामांकन बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित यूथ क्लब के सदस्य घर-घर जाकर अभियान चला रहे हैं, ताकि पात्र लोगों का पंजीकरण और स्वास्थ्य कार्ड जारी कराने में मदद की जा सके।









