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ਘਰ ਚਲਾਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਔਰਤਾਂ ਨੂੰ ਹੁਣ ਦੇਸ਼ ਚਲਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ: भगवंत सिंह मान

मोहाली (एस.ए.एस. नगर), 18 मार्च 2026:

 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के विकास में महिलाओं की अहम भूमिका पर प्रकाश डालते हुए प्रशासन, अर्थव्यवस्था और समाज में उनकी भागीदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण शिक्षा, उचित प्रतिनिधित्व और आर्थिक अवसरों के माध्यम से ही संभव है।

 

मोहाली में महिला उद्यमियों को सम्मानित करने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, “लड़कियों को आगे आकर शिक्षा के माध्यम से खुद को सशक्त बनाना चाहिए। घर और परिवार को बेहतर ढंग से संभालने वाली महिलाओं को देश की व्यवस्था भी संभालनी चाहिए।”

 

राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देते हुए उन्होंने कहा कि लड़कियों को आगे आकर राजनीति में कदम रखना चाहिए ताकि वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं लगभग हर क्षेत्र में पुरुषों से आगे हैं, लेकिन राजनीति में उनकी भागीदारी अभी भी कम है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है और कई महिलाओं को डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया है।

 

महिलाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें माता गुजरी जी और माई भागो जैसी महान हस्तियों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज में बदलाव लाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करनी चाहिए और सरकार उनकी हर संभव सहायता कर रही है।

 

उन्होंने बताया कि पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (PSRLM) के तहत 23 जिलों की 100 उत्कृष्ट महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया है। प्रत्येक को 25,000 रुपये, प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह दिया जाएगा। इससे पहले 117 विधानसभा क्षेत्रों में 11,700 महिलाओं को सम्मानित किया जा चुका है।

 

उन्होंने कहा कि राज्य में 58,303 स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं, जिनसे लगभग 5.89 लाख ग्रामीण परिवार जुड़े हैं और इन्हें मजबूत करने के लिए 147 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टार्टअप प्रोजेक्ट के तहत 2,000 से अधिक स्टार्टअप शुरू किए गए हैं, जिससे 7,560 लोगों को रोजगार मिला है। साथ ही, 19 जिलों में “सखी शक्ति मेले” आयोजित किए गए हैं, जिनसे महिलाओं को एक करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई है।

 

उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया है और 65,000 से अधिक नौकरियों में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा, आम आदमी क्लीनिक, स्वास्थ्य योजनाएं और मुफ्त बिजली जैसी सुविधाएं भी उनके सशक्तिकरण में अहम भूमिका निभा रही हैं।

 

इस दौरान मनीष सिसोदिया ने कहा कि पहले ऐसे कार्यक्रम केवल संपन्न परिवारों तक सीमित थे, लेकिन अब आम परिवारों की महिलाओं को भी सम्मानित किया जा रहा है, जो एक सकारात्मक बदलाव है।

 

इस मौके पर ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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