
चंडीगढ़, 18 मार्च:
महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा हिंसा और संकट का सामना कर रही महिलाओं के लिए सहायता प्रणाली को मजबूत करने हेतु महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इन प्रयासों के तहत वित्तीय वर्ष 2022–23 से 2025–26 तक राज्यभर में स्थापित वन स्टॉप सेंटरों के माध्यम से कुल 17,651 महिलाओं को मुफ्त और समेकित सहायता प्रदान की गई है।
यह जानकारी देते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इन केंद्रों पर संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही स्थान पर त्वरित और समन्वित सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इन सेवाओं में चिकित्सीय सहायता, कानूनी सहायता, पुलिस मदद, काउंसलिंग, अस्थायी आश्रय और भोजन शामिल हैं।
वर्षवार आंकड़े साझा करते हुए मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022–23 में 3,592 महिलाओं को, 2023–24 में 3,633 महिलाओं को, 2024–25 में 5,305 महिलाओं को और 2025–26 में 5,121 महिलाओं को ये सेवाएं प्रदान की गईं। उन्होंने कहा कि बढ़ते आंकड़े सरकार की बढ़ती पहुंच और महिलाओं के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक हैं।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “ये केवल आंकड़े नहीं, बल्कि हिम्मत और उम्मीद की जीवंत कहानियां हैं। जो महिलाएं कभी भय और अन्याय का सामना कर रही थीं, वे आज सम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपनी जिंदगी को फिर से संवार रही हैं। वन स्टॉप सेंटर केवल सेवा केंद्र नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए सुरक्षा, विश्वास और सशक्तिकरण का मजबूत सहारा बनकर उभरे हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि पंजाब के सभी जिलों में वन स्टॉप सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं, ताकि कोई भी महिला जरूरत के समय सहायता से वंचित न रहे।
मंत्री ने अपील की कि हर महिला को वूमेन हेल्पलाइन नंबर 181 (टोल-फ्री) की जानकारी होनी चाहिए और इसका अधिक से अधिक प्रचार किया जाए, ताकि संकट की स्थिति में तुरंत मदद सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि यह हेल्पलाइन महिलाओं के लिए सुरक्षा, सहारा और भरोसे की मजबूत कड़ी साबित हो रही है।









