
तरन तारन, 19 मार्च:
डॉ. तेजबीर सिंह भंगू ने जिला तरन तारन के किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना तथा अन्य किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रत्येक किसान को ‘फार्मर रजिस्ट्री कैंप’ में अपनी पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। यह जानकारी उन्होंने डॉ. गुरजीत सिंह बराड़ के निर्देशों के तहत दी।
मुख्य कृषि अधिकारी के दिशा-निर्देशों अनुसार ब्लॉक कृषि अधिकारी खडूर साहिब डॉ. भूपिंदर सिंह की अगुवाई में गांव वड़िंग सूबा सिंह में फार्मर रजिस्ट्री और गेहूं की पराली (नाड़) को आग न लगाने संबंधी जागरूकता कैंप आयोजित किया गया।
इस दौरान डॉ. यादविंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि भविष्य में केवल उन्हीं किसानों को पीएम किसान योजना के तहत वित्तीय किस्तें जारी की जाएंगी, जिन्होंने अपनी फार्मर रजिस्ट्री पूरी कर ली होगी। इस प्रक्रिया के तहत प्रत्येक किसान को एक यूनिक ‘फार्मर आईडी’ जारी की जाएगी, जिसे उसके पीएम किसान खाते से लिंक किया जाएगा, जिससे पहचान और भूमि रिकॉर्ड सत्यापन आसान होगा।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा सभी किसानों के लिए यह रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है, जिसके तहत आधार से लिंक जमीन रिकॉर्ड के माध्यम से 11 अंकों की यूनिक फार्मर आईडी बनाई जाएगी। इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड (मोबाइल नंबर लिंक होना जरूरी), जमीन के कागजात (फर्द/खसरा नंबर), बैंक खाता और पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि जिन किसानों द्वारा यह पंजीकरण नहीं करवाया जाएगा, उनकी भविष्य की किस्तें रुक सकती हैं।
डॉ. यादविंदर सिंह ने किसानों से अपील की कि वे गेहूं की पराली को खेतों में ही मिलाकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाएं, जिससे पर्यावरण प्रदूषण कम होगा और लाभकारी कीट भी सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने किसानों से विभाग और जिला प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
इस मौके पर कमलजीत कौर (सहायक टेक्नोलॉजी मैनेजर), गुर प्रताप सिंह, धर्मवीर सिंह, अंग्रेज सिंह, मुख्तार सिंह, गुरवेल सिंह, सतनाम सिंह सहित गांव वड़िंग के किसान उपस्थित रहे।









