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आयुष्मान भारत योजना में शर्तें लागू, जबकि ‘आप’ सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना बिना किसी पाबंदी के 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की गारंटी देती है — फर्क इरादे में है: भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़, 20 मार्च:

‘शानदार चार साल, भगवंत मान के साथ’ श्रृंखला को जारी रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज स्वास्थ्य क्षेत्र का चार साल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इससे पहले कृषि और सिंचाई क्षेत्रों में सरकार के कार्यों का विवरण दिया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने ‘शर्तों वाली’ आयुष्मान भारत योजना और राज्य की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार की योजना सार्वभौमिक और अधिक सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का मॉडल है, जहां फर्क इरादे और डिलीवरी में है।

उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत बिना किसी शर्त के प्रति परिवार 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है, जिससे लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग पंजाब को स्वस्थ नहीं देखना चाहते।

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह योजना सभी नागरिकों, खासकर कमजोर वर्गों को गुणवत्तापूर्ण इलाज तक सीधी पहुंच देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। यह देश की अपनी तरह की पहली व्यापक स्वास्थ्य योजना है।” उन्होंने बताया कि योजना के तहत आधार या वोटर कार्ड के जरिए सुविधा केंद्रों या ऑनलाइन माध्यम से हेल्थ कार्ड बनाए जा सकते हैं।

उन्होंने दावा किया कि पंजाब ऐसा पहला राज्य है जो इस स्तर का व्यापक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान कर रहा है, जिससे आम लोगों पर इलाज का आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अधिकांश निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है, जहां सरकार द्वारा तय दरों पर लगभग 2600 बीमारियों का इलाज किया जाता है।

केंद्र की योजना की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि जहां आयुष्मान योजना के लिए सीमित बजट है, वहीं पंजाब सरकार प्रति व्यक्ति अधिक खर्च कर रही है और बिना शर्त सुविधाएं दे रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत पंजाब और चंडीगढ़ के करीब 900 सरकारी और निजी अस्पताल शामिल किए गए हैं, 25 लाख से अधिक लाभार्थी पंजीकृत हैं और 1.6 लाख से अधिक लोग इलाज प्राप्त कर चुके हैं।

स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए उन्होंने कहा कि राज्य में 883 आम आदमी क्लीनिक कार्यरत हैं और जल्द ही 100 और शुरू किए जाएंगे। इन क्लीनिकों में 47 टेस्ट और 107 दवाइयां मुफ्त उपलब्ध हैं और मरीज संतुष्टि दर 94 प्रतिशत है।

उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की भर्ती में भी रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जिसमें 948 जनरल डॉक्टर और 627 विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके अलावा नर्सिंग और फार्मासिस्ट स्टाफ की भर्ती भी जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए नए अस्पताल, क्रिटिकल केयर ब्लॉक और आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अक्टूबर 2026 तक सभी जिला अस्पतालों में एमआरआई सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

उन्होंने यह भी बताया कि एआई आधारित कैंसर स्क्रीनिंग, डायलिसिस सेवाओं के विस्तार और अन्य आधुनिक स्वास्थ्य पहलों के जरिए पंजाब स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी बन रहा है।

अंत में उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य को स्वस्थ और प्रगतिशील बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में भी स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार जारी रहेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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