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सियासतदानों ने अपने नेताओं के नाम पर भव्य स्मारक बनाए, लेकिन शहीद-ए-आज़म Bhagat Singh को नजरअंदाज किया: Bhagwant Mann

खटकड़ कलां, 23 मार्च 2026:

शहीद-ए-आज़म Bhagat Singh को उनके शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने कहा कि यह दिन देश को शहीदों द्वारा दी गई महान कुर्बानी की याद दिलाता है। उन्होंने लोगों से मातृभूमि के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वाले महान क्रांतिकारी के विचारों पर चलने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने शहीदों का सम्मान करने और उनके सपनों का “रंगला पंजाब” बनाने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

देश के महान क्रांतिकारियों की गौरवशाली विरासत को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर केवल उनकी कुर्बानी को याद करने का ही नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने की भावना को आगे बढ़ाने का भी है। उन्होंने उनके सपनों के पंजाब और देश की सेवा करने के अपने संकल्प को दोहराया और इन स्वतंत्रता सेनानियों को भारत रत्न न दिए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि देश की बागडोर शुरुआती वर्षों में ऐसे साहसी और दूरदर्शी युवाओं के हाथ में होती, तो देश की स्थिति अलग होती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव की शहादत हमें हमेशा अन्याय और अत्याचार के खिलाफ खड़े होने के लिए प्रेरित करती रहेगी। समाज में मौजूद बुराइयों के खिलाफ लड़ना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है।

शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा ही गरीबी और सामाजिक बुराइयों को खत्म करने का स्थायी समाधान है। उन्होंने कहा कि कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत गरीबी को समाप्त नहीं कर सकती, लेकिन शिक्षा लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें मजबूती देती है। पंजाब सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और आम लोगों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा वह रोशनी है जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करती है। यदि हम वास्तविक बदलाव चाहते हैं, तो हमें अपने बच्चों को शिक्षित और सशक्त बनाना होगा। असली परिवर्तन अस्थायी लाभों से नहीं बल्कि ज्ञान और जागरूकता से आएगा।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य की प्रगति व लोगों की खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि संयुक्त प्रयासों से पंजाब देश का अग्रणी राज्य बनेगा।

23 मार्च के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह दिन इसलिए खास है क्योंकि इसी दिन देश के तीन वीर सपूतों ने अपनी जवानी और जान देश के लिए कुर्बान की थी। उनकी शहादत ने स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों ने सत्ता या राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि निस्वार्थ भाव से बलिदान दिया। उन्हीं की बदौलत आज हमें वोट देने का अधिकार मिला है। इसलिए लोगों को अपनी वोट का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए और इसे किसी लालच में आकर बेचना नहीं चाहिए।

उन्होंने कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने शहीदों का सम्मान करे और उनकी विरासत को संभाले। जो समाज अपने शहीदों को भूल जाता है, वह अपनी पहचान खो देता है।

पंजाब के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश की आबादी का केवल दो प्रतिशत होने के बावजूद, आज़ादी की लड़ाई में शहीद होने वाले या देश निकाला झेलने वाले लगभग 80 प्रतिशत लोग पंजाब से थे। उन्होंने विभाजन के समय पंजाब द्वारा झेली गई पीड़ा का भी जिक्र किया।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार Bhagat Singh के सपनों को साकार करने और एक समानतावादी तथा समरस समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

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