
चंडीगढ़, 10 अप्रैल:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार द्वारा जरूरतमंद और विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के कल्याण के लिए एक और मानवीय और बाल हितैषी कदम उठाया गया है। बच्चों के लिए संवाद की सुविधा सुनिश्चित करने और भाषा संबंधी कठिनाइयों को दूर करने के लिए 42 स्पेशल एजुकेटर, 1 साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर और 48 अनुवादकों को पैनल में शामिल किया गया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों को अक्सर अपनी भावनाएं और समस्याएं व्यक्त करने में कठिनाई होती है, जिससे उनकी देखभाल और पुनर्वास की प्रक्रिया प्रभावित होती है। अब ये विशेषज्ञ बच्चों और चाइल्ड वेलफेयर अथॉरिटीज के बीच संवाद को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि ये स्पेशल एजुकेटर, साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर और अनुवादक बच्चों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने, उनकी काउंसलिंग करने, पुनर्वास की प्रक्रिया को तेज करने और बच्चों को उनके परिवारों या अभिभावकों से दोबारा जोड़ने में सहायता करेंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य सिर्फ बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए उचित माहौल प्रदान करना भी है। इस पहल से विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों की भावनाओं को समझने और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में बड़ी मदद मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और खास तौर पर बच्चों के अधिकारों की रक्षा तथा उनके बेहतर भविष्य के लिए इस तरह के मानवीय कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।









