
नई दिल्ली/पंजाब, 10 अप्रैल 2026:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की। इस दौरान राज्य के किसानों और मंडियों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने पंजाब में पड़े 155 लाख मीट्रिक टन अनाज की उठान के लिए विशेष रेलगाड़ियां चलाने पर सहमति जताई।
यह कदम हाड़ी मार्केटिंग सीजन से पहले राज्य में भंडारण संकट से निपटने में मददगार साबित होगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कई अहम मुद्दे भी उठाए, जिनमें ऊंची ब्याज दरों वाला नकद ऋण, ग्रामीण विकास फंड के तहत लंबित 9,000 करोड़ रुपये, ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का मुआवजा और आढ़तियों की मांगें शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री ने इन सभी मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए समाधान के लिए सचिव स्तर की व्यवस्था बनाने का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में भंडारण की स्थिति बेहद गंभीर है। वर्तमान में लगभग 180.88 लाख मीट्रिक टन अनाज स्टोर है, जबकि कुल उपलब्ध क्षमता लगभग 183 लाख मीट्रिक टन ही है। ऐसे में नए गेहूं की आवक को संभालना बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल 2026 से हाड़ी मार्केटिंग सीजन शुरू हो चुका है, जिसमें 130–132 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का अनुमान है। वहीं, अनाज की धीमी उठान पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि पिछले महीनों में औसतन केवल 5 लाख मीट्रिक टन प्रति माह उठान हो रही है, जबकि इसे कम से कम 12 लाख मीट्रिक टन प्रति माह होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि या तो उठान बढ़ाई जाए या फिर जरूरतमंदों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अनाज वितरण बढ़ाया जाए, जैसा कि कोविड-19 के दौरान किया गया था।
वित्तीय मुद्दों पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि भारतीय खाद्य निगम की तुलना में भारतीय स्टेट बैंक अधिक ब्याज दर वसूल रहा है, जिससे राज्य को हर सीजन में लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास फंड (RDF) के तहत लंबित 9,000 करोड़ रुपये की तुरंत अदायगी की भी मांग की और कहा कि यह पंजाब का अधिकार है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि बजट में बाधा है तो यह राशि किश्तों में जारी की जा सकती है।
आढ़तियों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वे एमएसपी का 2.5% कमीशन मांग रहे हैं, जबकि केंद्र द्वारा हाल ही में बहुत मामूली बढ़ोतरी की गई है, जिसे आढ़तियों ने स्वीकार नहीं किया है।
इसके अलावा, मंडी मजदूरों के ईपीएफ से जुड़े मुद्दों पर भी मुख्यमंत्री ने चिंता जताई और कहा कि एफसीआई द्वारा 30% भुगतान रोकना उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र से इस मामले में भी हस्तक्षेप करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि पंजाब देश की खाद्य सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए केंद्र सरकार को इन मुद्दों पर समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रहें और राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।









