पंजाबराजनीति

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने पैतृक गांव सतौज से जनगणना 2027 के पहले चरण “घरों की सूची और गणना” का उद्घाटन किया।

चंडीगढ़, 28 अप्रैल 2026: जनगणना 2027 में डिजिटल भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब के माननीय मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब राज्य में जनगणना 2027 के पहले चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” प्रक्रिया का औपचारिक उद्घाटन किया।

माननीय मुख्यमंत्री ने जिला संगरूर के अपने पैतृक गांव सतौज से आधिकारिक ऑनलाइन जनगणना पोर्टल (se.census.gov.in) के माध्यम से अपनी स्व-गणना (Self Enumeration) पूरी की। यह नागरिकों को डिजिटल जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कराने में श्री मनजीत सिंह बराड़, आईएएस, प्रशासनिक सचिव, स्थानीय सरकार विभाग पंजाब, डॉ. नवजोत खोसा, आईएएस, निदेशक जनगणना संचालन पंजाब एवं यूटी चंडीगढ़ तथा श्री राहुल चाबा, आईएएस, उपायुक्त संगरूर ने सहयोग किया।

डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वयं गणना प्रक्रिया अपनाकर मुख्यमंत्री ने इस पहल की सरलता, पहुंच और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण को प्रदर्शित किया। उन्होंने पंजाब के सभी निवासियों से जनगणना कार्यों में सक्रिय भाग लेने और इस तकनीक आधारित प्रक्रिया को अपनाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से 30 अप्रैल 2026 से 14 मई 2026 तक उपलब्ध स्व-गणना सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया, ताकि व्यापक और विश्वसनीय राष्ट्रीय डाटाबेस तैयार किया जा सके, जो प्रभावी योजना निर्माण और नीति निर्धारण के लिए आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि सही जनगणना आंकड़े सुशासन की रीढ़ होते हैं, जो कल्याणकारी योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और संसाधनों के समान वितरण को सुनिश्चित करते हैं।

स्व-गणना की विशेषता

“स्व-गणना” जनगणना 2027 की एक प्रमुख विशेषता है, जिसके तहत नागरिक अपने जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक विवरण ऑनलाइन भर सकते हैं। यह पहल पारदर्शिता, दक्षता और आंकड़ों की शुद्धता बढ़ाती है।

यह प्रक्रिया मैनुअल कार्यप्रणाली पर निर्भरता कम करेगी, डेटा संग्रहण को तेज बनाएगी और राष्ट्रीय डाटाबेस की एकरूपता को मजबूत करेगी।

जनभागीदारी बढ़ेगी

डॉ. नवजोत खोसा ने कहा कि मुख्यमंत्री जैसी सम्मानित हस्तियों की भागीदारी जनगणना प्रक्रिया में जनता का विश्वास मजबूत करती है और समाज के व्यापक वर्गों को इसमें शामिल होने के लिए प्रेरित करती है।

उन्होंने कहा कि स्व-गणना को बड़े स्तर पर अपनाने से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में समावेशी और व्यापक कवरेज सुनिश्चित होगा।

घर-घर सर्वे 15 मई से

जनगणना 2027 के पहले चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण 15 मई से 13 जून 2026 तक किया जाएगा।

इस अभियान के दौरान मकानों की स्थिति, सुविधाओं और संपत्ति से संबंधित 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक मकान की गणना की जाएगी ताकि इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में कोई भी परिवार छूट न जाए।

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