
चंडीगढ़, 1 मई—
पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां घोषणा की कि भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने अप्रैल 2026 के लिए कर राजस्व में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। राज्य ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होने के बाद अब तक की अपनी सबसे अधिक मासिक जीएसटी प्राप्ति दर्ज की है और कुल जीएसटी राजस्व वृद्धि दर में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है।
जारी प्रेस बयान में इस उपलब्धि का विवरण देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “राज्य ने 2725.08 करोड़ रुपये के शुद्ध जीएसटी के साथ 2987.38 करोड़ रुपये का कुल जीएसटी दर्ज किया है। यह शानदार प्रदर्शन वर्ष-दर-वर्ष आधार पर शुद्ध जीएसटी में 70.70% की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है, जो अप्रैल 2025 की तुलना में लगभग 1,129 करोड़ रुपये की वृद्धि है।”
राष्ट्रीय स्तर पर पंजाब की स्थिति के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब ने पोस्ट-सेटलमेंट जीएसटी में 66% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है, जो पिछले वर्ष के 1,795 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,987 करोड़ रुपये हो गई है। इससे पंजाब देश में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला राज्य बन गया है और यह सभी उत्तरी भारतीय राज्यों में अग्रणी है।”
वित्तीय आंकड़ों के संदर्भ में जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा, “हालांकि वर्ष-दर-वर्ष तुलना अप्रैल 2025 में 859 करोड़ रुपये के असाधारण आईजीएसटी समायोजन से प्रभावित है, लेकिन इस कारक को हटाने पर 12.57% की समायोजित कुल वृद्धि और 10.97% की समायोजित शुद्ध वृद्धि सामने आती है। यह कर प्रशासन और अनुपालन में निरंतर सुधार को दर्शाता है।”
इस उपलब्धि का श्रेय सख्त प्रशासनिक उपायों को देते हुए उन्होंने कहा, “मजबूत जीएसटी वृद्धि का कारण पूरे पंजाब में तेज़ की गई प्रवर्तन गतिविधियां हैं। डेटा एनालिटिक्स, समन्वित फील्ड कार्रवाई और खुफिया आधारित निरीक्षणों के माध्यम से 175 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, अप्रैल में आयरन और स्टील क्षेत्र में विशेष टैक्स चोरी विरोधी अभियान के तहत एक ही दिन में लगभग 200 वाहनों को जब्त कर रिकॉर्ड कार्रवाई की गई।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में राज्य के राजस्व आधार को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “जीएसटी संग्रह में पंजाब का शीर्ष स्थान कर विभाग की केंद्रित रणनीति का परिणाम है, जो तकनीक आधारित प्रवर्तन और ईमानदार करदाताओं की सुविधा को संतुलित करती है। हम कर चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए पारदर्शी और सहायक कर प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”









