
चंडीगढ़, 1 मई—
जेल प्रणाली को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से पंजाब विधानसभा ने आज “पंजाब जेलें और सुधार सेवाएं बिल, 2026” को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। यह बिल पंजाब के जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह द्वारा पेश किया गया था। इस बिल का मुख्य उद्देश्य जेल प्रशासन प्रणाली को आधुनिक बनाना और इसे आधुनिक सुधारात्मक प्रथाओं के अनुरूप ढालना है।
बिल पेश करते हुए डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि प्रस्तावित कानून का लक्ष्य जेलों को केवल हिरासत केंद्रों से बदलकर सुधार, पुनर्वास और सामाजिक पुनःएकीकरण के केंद्रों में परिवर्तित करना है। उन्होंने बताया कि मौजूदा कानूनी ढांचा, जो औपनिवेशिक युग के कानूनों पर आधारित है, अब पुराना हो चुका है और वर्तमान चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम नहीं है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि नया बिल कैदियों की सुरक्षित हिरासत सुनिश्चित करते हुए उनके सम्मान और मौलिक अधिकारों की रक्षा करेगा। इसमें शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास और मनोवैज्ञानिक परामर्श जैसी सुधारात्मक सेवाओं पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि कैदियों का समाज में पुनः समावेश संभव हो सके।
उन्होंने बताया कि बिल में आयु, लिंग, आपराधिक पृष्ठभूमि और जोखिम मूल्यांकन के आधार पर कैदियों के वर्गीकरण की मजबूत व्यवस्था शामिल की गई है। साथ ही महिला, ट्रांसजेंडर, वृद्ध और दिव्यांग कैदियों जैसे संवेदनशील समूहों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हो सके।
सुरक्षा के संदर्भ में मंत्री ने बताया कि बिल में खतरनाक अपराधियों और संगठित अपराध से जुड़े आरोपियों के लिए उच्च-सुरक्षा जेलों और विशेष उच्च-जोखिम क्षेत्रों की स्थापना का प्रस्ताव है। जेल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी, बायोमेट्रिक पहचान और आधुनिक स्कैनिंग तकनीकों को भी शामिल किया जाएगा।
यह बिल जेल प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए निरीक्षण, शिकायत निवारण और निगरानी की संरचित व्यवस्थाएं भी प्रदान करता है। राज्यभर में प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए जेल और सुधार सेवाओं के निदेशालय को और मजबूत किया जाएगा।
इसके अलावा कैदियों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, कानूनी सहायता और संचार सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जाएगा। यह बिल संविधान और मानवाधिकार मानकों के अनुरूप चिकित्सा उपचार, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और कानूनी सहायता तक पहुंच सुनिश्चित करता है।
डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि यह कानून डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और आपराधिक न्याय प्रणाली के साथ समन्वय के जरिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग को भी बढ़ावा देगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह बिल पंजाब की जेल प्रणाली में सुरक्षा और सुधारात्मक प्रयासों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। उन्होंने सभी विधायकों से न्याय, जन सुरक्षा और मानव गरिमा के हित में इस बिल का समर्थन करने की अपील की।
यह कदम पंजाब सरकार की प्रगतिशील शासन व्यवस्था और एक सुरक्षित, पारदर्शी तथा मानवीय सुधार प्रणाली स्थापित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।









