पंजाबराजनीति

वतन की खातिर सबसे अधिक जानों की कुर्बानी देने वाले पंजाबियों पर देश विरोधी होने का ठप्पा लगा रही है भाजपा : मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann

बठिंडा, 8 मई: चार दिवसीय ‘शुक्राना यात्रा’ के तीसरे दिन मालवा क्षेत्र में पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने भारतीय जनता पार्टी और सांप्रदायिक ताकतों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भगवा पार्टी पंजाबियों पर देश विरोधी होने का ठप्पा लगाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वोट हासिल करने के लिए पंजाब की सदियों पुरानी भाईचारे की मजबूत परंपरा को तोड़ने की गहरी साजिश रच रही है।

मुख्यमंत्री ने आज बठिंडा से यात्रा की शुरुआत की और Takht Sri Damdama Sahib में माथा टेका। विभिन्न स्थानों पर लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम बंगाल में शुरू की गई “डर और विभाजन की राजनीति” को अब पंजाब में लागू करने की साजिश रची जा रही है, जहां सांप्रदायिक ताकतें समाज का ध्रुवीकरण कर सत्ता हासिल करने के लिए समुदायों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करना चाहती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी और एकता के लिए सबसे अधिक बलिदान देने वाले पंजाबी ऐसी ताकतों को मुंहतोड़ जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि बेअदबी मामलों में शामिल लोगों और उनके संरक्षकों को नए कानून के तहत उम्रकैद और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने जैसी सख्त सजा का सामना करना पड़ेगा।

तलवंडी साबो, बठिंडा शहर और कोटशमीर में विशाल जनसभाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाबियों से राज्य की शांति, भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक राजनीति को पंजाब की सदियों पुरानी सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। “पंजाब पंजाबियों का है” का नारा देते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग भाईचारे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, वे पंजाब के दुश्मन हैं।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा ने महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में विभाजनकारी राजनीति के जरिए सत्ता हासिल की है, लेकिन पंजाब में ऐसी साजिशें कभी सफल नहीं होंगी क्योंकि यहां लोग हर त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं।

आरएसएस और भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आरएसएस ने 52 वर्षों तक अपने मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया, लेकिन आज वही लोग दूसरों को देशभक्ति के प्रमाणपत्र बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाबियों ने आजादी की लड़ाई में देश के लिए अनगिनत कुर्बानियां दी हैं और उन्हें किसी से देशभक्ति का प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने 1947 के विभाजन का जिक्र करते हुए कहा कि उस त्रासदी में पंजाब ने सबसे अधिक दर्द सहा और लगभग 10 लाख पंजाबियों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि आज वही लोग पंजाब की देशभक्ति पर सवाल उठा रहे हैं, जिन्होंने देश के लिए कोई कुर्बानी नहीं दी।

मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं द्वारा उन पर लगाए गए देशद्रोह के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पंजाबियों ने देश के लिए 90 प्रतिशत कुर्बानियां दी हैं और अब उन्हें गद्दार कहा जा रहा है। उन्होंने कहा, “देश के लिए सबसे ज्यादा बलिदान देने वाले पंजाबियों को भाजपा अब देश विरोधी बता रही है।”

विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि Sunil Jakhar जैसे नेताओं को आत्ममंथन करने की जरूरत है क्योंकि वे एक सामान्य परिवार के बेटे को पंजाब का नेतृत्व करते और ईमानदारी से सेवा करते नहीं देख पा रहे। उन्होंने कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल को “लुटेरा दल” बताते हुए आरोप लगाया कि इन पार्टियों ने दशकों तक पंजाब की दौलत लूटी और आम लोगों की भलाई की अनदेखी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘शुक्राना यात्रा’ का उद्देश्य अकाल पुरख का धन्यवाद करना है, जिन्होंने उनकी सरकार को Jagat Jyot Sri Guru Granth Sahib Satkar Amendment Act 2026 लागू करने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि यह कानून बेअदबी की घटनाओं को रोकने और दोषियों को कड़ी सजा देने के लिए बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि अब बेअदबी मामलों में “मानसिक रोगी” होने का बहाना नहीं चलेगा और ऐसे अपराधों के संरक्षकों तथा साजिशकर्ताओं को भी उम्रकैद और 50 लाख रुपये तक जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली दी है, 65,000 से अधिक युवाओं को बिना भ्रष्टाचार सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और राज्यभर में सड़क एवं बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई टोल प्लाजा बंद किए गए हैं, जिससे लोगों के प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये बच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई हैं और नहरों व जलमार्गों को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि राज्य में अब सिंचाई के लिए लगभग 68 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा है, जिसे आगामी धान सीजन तक 85 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने ‘मां-धियां सत्कार योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह सीधे बैंक खातों में दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

इसके अलावा उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब के 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। उन्होंने कहा कि 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही स्वास्थ्य कार्ड दिए जा चुके हैं और लगभग 1.65 लाख लोग मुफ्त इलाज का लाभ उठा चुके हैं।

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